Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में अंचलभर में विजयादशमी का पर्व पारंपरिकी आस्था के साथ मनाया गया। इस दौरान पुलिस लाइन और ऐतिहासिक गंगादास की बड़ी शाला में शस्त्रों, वाहनों और अखाड़े के प्राचीन अस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-3276e45b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर शहर के विभिन्न कार्यालयों, संस्थानों और प्रमुख स्थलों पर शस्त्रों, शास्त्रों के साथ-साथ वाहनों की भी पूजा-अर्चना की गई। नागरिकों ने इस दौरान अपने जीवन से बुराइयों को दूर कर सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस लाइन में विधानसभा अध्यक्ष ने की शस्त्र पूजा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय पुलिस लाइन परिसर में विभाग की ओर से एक विशेष शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए। उनके साथ कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और पुलिस महकमे के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विधिवत रूप से पुलिस बल के हथियारों और शासकीय वाहनों की पूजा की तथा देश की सुरक्षा और तरक्की की मंगलकामना की। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी हमारी सनातन संस्कृति और शक्ति का मुख्य उत्सव है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे देश की विजय यात्रा और राष्ट्र निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान दें ताकि देश हर चुनौती से पार पाकर और अधिक सशक्त बन सके। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगंगादास की बड़ी शाला की सात सदी पुरानी परंपरा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गंगादास की बड़ी शाला में दशहरा पर्व पर अनूठी परंपरा देखने को मिली, जो लगभग सात सौ साल पुरानी है। पीठ के पीठाधीश्वर महंत रामसेवक दास महाराज ने जानकारी दी कि इस संस्थान का नाता प्राचीन अखाड़ा संस्कृति से है और यहां मुगलकाल से ही शौर्य एवं भक्ति की परंपराएं सहेजी जा रही हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहंत ने बताया कि इस पावन दिन निर्मोही, निर्वाणी और दिगंबर तीनों अनी अखाड़ों के निशानों का पूजन होता है। इसके अतिरिक्त, सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के पार्थिव शरीर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 745 हुतात्मा साधुओं की स्मृति में उनके पवित्र अस्त्रों का भी पूजन किया जाता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऐतिहासिक तोप और युद्ध कौशल का प्रदर्शन Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र करते हुए पीठ के प्रमुख ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई के अंतिम संस्कार के वक्त अंग्रेजों को रोकने के लिए संतों ने भारी संघर्ष किया था। उस संघर्ष में प्रयुक्त हुई तोप को भी आज भी इस पूजन परंपरा का अहम हिस्सा बनाया जाता है। पूजन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अखाड़े के साधुओं द्वारा प्राचीन हथियारों के साथ अपने युद्ध कौशल और पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, नगर निगम कार्यालय में भी विजयादशमी का पर्व सादगी और उल्लास के साथ मनाया गया। निगम कमिश्नर अभिषेक चौधरी ने इस अवसर पर निगम के विभिन्न कार्यशील वाहनों की पूजा-अर्चना की और सभी कर्मचारियों को पर्व की हार्दिक बधाई दी। Add text below Add image below