Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है। छतरपुर की रहने वाली महिला ने अपने पति को किडनी दान कर नया जीवन दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-3130aacd
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (JAH) समूह के अंतर्गत आने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (SSB) में चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अस्पताल परिसर में बहुप्रतीक्षित किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा का पहला सफल ऑपरेशन रविवार को पूरा कर लिया गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteछतरपुर से आए दंपति ने दिखाई मिसाल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस जटिल प्रक्रिया के तहत छतरपुर के रहने वाले 60 वर्षीय कृष्णकांत गुप्ता को उनकी 55 वर्षीय पत्नी मीना गुप्ता ने अपनी एक किडनी दान की है। पत्नी के इस साहसिक कदम से मरीज को नया जीवनदान मिला है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteछह घंटे तक चली जटिल सर्जरी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteऑपरेशन से पहले डोनर यानी पत्नी को एक दिन पूर्व ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। सभी आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद रविवार सुबह 8:30 बजे यह महा-ऑपरेशन आरंभ हुआ। दिल्ली के मणिपाल अस्पताल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने करीब छह घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोपहर 3:00 बजे सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलंबे समय से चल रही थी बीमारी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदंपति के बेटे सुमित गुप्ता ने बताया कि उनके पिता को दिसंबर 2018 से किडनी से जुड़ी दिक्कत थी और वे लगातार डायलिसिस पर थे। हाल ही में किडनी का कार्यकौशल दस प्रतिशत से भी कम रह गया था, जिसके चलते ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉ. अंकित शर्मा की सलाह पर परिवार ने यह कदम उठाया और मां ने आगे आकर पति को अपनी किडनी दी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की इंचार्ज डॉ. नीलिमा टंडन ने इस सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि पति-पत्नी दोनों को अगले 7 से 10 दिनों तक डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। इस सफलता के बाद अब ग्वालियर-चंबल अंचल के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। Add text below Add image below