Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशहर की खस्ताहाल सड़कों की गुणवत्ता परखने की कार्रवाई से ठीक पहले रोड नंबर-7 पर मशीनें चलाकर हिस्सा उखाड़े जाने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नगर निगम आयुक्त को तलब किया और लैब संचालक द्वारा दबाव का हवाला देकर जांच से पीछे हटने पर भी सवाल उठाए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-1e9b50d1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसैंपल लेने से पहले ही सड़क पर चला दी मशीनें Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में खराब सड़कों की गुणवत्ता की जांच को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। बेटी बचाओ चौराहा से गुड़ा-गुड़ी का नाका जाने वाले रोड नंबर-7 का सैंपल 19 अगस्त को निकाला जाना तय किया गया था। लेकिन, निर्धारित तिथि से ठीक पहले नगर निगम ने मौके पर मशीनें लगवाकर सड़क का हिस्सा उखाड़ दिया। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयाचिकाकर्ता अवधेश सिंह तोमर के माध्यम से यह जानकारी सोमवार शाम को अदालत के संज्ञान में लाई गई। नगर निगम के वकील गौरव मिश्रा ने भी कोर्ट में मशीनें लगाकर सड़क पर काम किए जाने की बात स्वीकार की, जिसके बाद अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद आपत्तिजनक माना। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिगम कमिश्नर को अदालत में होना पड़ा पेश Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क उखाड़े जाने की बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय को तुरंत तलब किया। कमिश्नर ने सफाई दी कि सोशल मीडिया पर सड़क की बदहाली का वीडियो देखने के बाद उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए इंजीनियर को गड्ढे भरकर मार्ग को चलने योग्य बनाने के निर्देश दिए थे। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पर अदालत ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सड़क पिछले एक साल से खराब पड़ी थी, उसकी सुध ठीक उसी वक्त क्यों ली गई जब वह सैंपलिंग के लिए चुनी जा चुकी थी। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मरम्मत इतनी ही जरूरी थी, तो अदालत से पूर्व अनुमति क्यों नहीं ली गई। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलैब संचालक ने भी जांच से पीछे खींचे हाथ Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले में एक और पेच तब फंस गया जब सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए तय की गई तीसरी प्राइवेट लैब के संचालक ने आगे आने से मना कर दिया। लैब संचालक ने कुछ अज्ञात लोगों के दबाव का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग जनहित के विरुद्ध जाकर संभवतः गलत काम करने वालों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों का फैसला ग्वालियर की जनता को करना चाहिए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब निर्देश दिए गए हैं कि सैंपल लेते समय ऊपरी एक फीट का हिस्सा हटाकर उसके नीचे से नमूना एकत्रित किया जाए। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकमिश्नर का मोबाइल जांच के दायरे में और राहत वापस Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि सड़क से जुड़े सभी वीडियो, फोटो और निर्देश उनके मोबाइल में सुरक्षित रहने चाहिए। चेतावनी दी गई है कि यदि डेटा से कोई छेड़छाड़ या डिलीट किया गया तो मोबाइल जब्त किया जा सकता है। कमिश्नर को अपना मोबाइल कोर्ट में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबता दें कि पहले अदालत ने निगम के आग्रह पर सैंपलिंग की तारीख 19 से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी थी, लेकिन सड़क पर छेड़छाड़ की जानकारी मिलने के बाद यह राहत तुरंत प्रभाव से वापस ले ली गई। अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अगस्त को ही सैंपल लिए जाएंगे। Add text below Add image below