Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच प्रक्रिया के तहत रविवार को आठ विभिन्न स्थानों से सीसी रोड के सैंपल एकत्र किए गए। इस मामले में विशेष जांच दल सोमवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-8-5065c0f8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर में सड़कों के निर्माण कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं की पड़ताल का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की ओर से बनाए गए तीन सदस्यीय स्पेशल कमीशन ने तकनीकी विशेषज्ञों और भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एजी ऑफिस पुल से लेकर विक्की फैक्ट्री तक विभिन्न हिस्सों से सड़क के नमूने हासिल किए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकोर ड्रिल मशीन और जेसीबी से निकाले गए सैंपल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क की मजबूती और उसमें इस्तेमाल सामग्री की असलियत जानने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया। कोर ड्रिल मशीन और जेसीबी की सहायता से सड़क की गहराई तक जाकर कंक्रीट के टुकड़े निकाले गए। इन नमूनों के माध्यम से डामर या सीमेंट की मोटाई, कंक्रीट के घनत्व और बेस मटेरियल की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद सभी सैंपल सीलबंद करके परीक्षण के लिए अधिकृत सेंट्रल टेस्टिंग लैब को रवाना कर दिए गए हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को अदालत में प्रस्तुत होगी रिपोर्ट Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस जनहित मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई तय है। जांच आयोग अपनी प्रारंभिक और भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट एक बंद लिफाफे में अदालत को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार नगर निगम व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों, प्रशासनिक अमले और संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई की रूपरेखा तय होने की संभावना है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चिन्हित 116 सड़कों पर सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का पैचवर्क या लीपापोती नहीं की जाएगी। इसके अलावा, जब तक प्रयोगशाला से जांच के अंतिम परिणाम नहीं आ जाते, तब तक संबंधित ठेकेदारों के बकाये भुगतानों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेष कमीशन और तकनीकी अमले की निगरानी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाईकोर्ट द्वारा गठित इस एडवोकेट कमीशन में गौरव समाधिया बतौर चेयरमैन कार्य कर रहे हैं, जबकि पवन सिसोदिया और हिमांशु शर्मा को सदस्य बनाया गया है। रविवार को चली इस कार्रवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर के साथ अन्य नामित कोर्ट कमिश्नर भी मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप या विवाद की आशंका को टालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि शहर की सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार और सतही मरम्मत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये कड़े कदम उठाए हैं। पिछले कई हफ्तों से लगातार अलग-अलग रूटों पर कभी डिजिटल स्कैनिंग तो कभी सैंपलिंग का दौर जारी है, जिसके तहत गुढ़ी-गुढ़ा का नाका, बेटी बचाओ चौराहा, एनएच-44 और चेतकपुरी क्षेत्र के मार्ग पहले ही जांच के दायरे में आ चुके हैं। Add text below Add image below