Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश की एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 70 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट में बड़ी कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने छठे आरोपी गया प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है जो फर्जी गवाह बनकर मदद करता था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-70-ce789aa8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध तरीके से पासपोर्ट तैयार कराने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ राज्य स्तर पर बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) भोपाल की टीम ने एक और अहम सफलता हासिल करते हुए इस प्रकरण के छठे आरोपी को धर दबोचा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगिरफ्तार आरोपी की हुई शिनाख्त Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच एजेंसियों के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान गया प्रसाद गौतम पुत्र कच्ची राम के रूप में हुई है, जो कि भितरवार के चीनौर क्षेत्र स्थित बनवार का रहने वाला है। एसटीएफ इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से छानबीन कर रहा है ताकि इसमें संलिप्त अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडबरा के सभी मामलों में था अकेला गवाह Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी गया प्रसाद बिना किसी पूर्व जान-पहचान या रिश्ते के पासपोर्ट बनवाने आए संदिग्धों के पतों का झूठा सत्यापन करता था। खास बात यह है कि ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से जितने भी पासपोर्ट तैयार हुए थे, उन सभी 17 मामलों में यह इकलौता गवाह था जो फर्जीवाड़ा को बल दे रहा था। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसटीएफ के खुलासे के अनुसार, आरोपी ने साल 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की थी और इसके बाद वर्ष 2021-22 के दौरान वह डबरा स्थित अम्बेडकर पार्क, सिमरिया टेकड़ी पर भंते के रूप में रहने लगा था। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक ही पते का हुआ था बड़े पैमाने पर इस्तेमाल Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय होने के नाते उसने साल 2022 में बौद्ध भिक्षु से जुड़ा एक कार्यक्रम रखा था, जहां उसकी मुलाकात मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई। उसी के कहने पर आरोपी ने कई बांग्लादेशियों के फर्जी निवास प्रमाण पत्रों की तस्दीक की। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, उन सभी के आवेदन पत्रों में निवास का एक ही पता 'सिमरिया टेकड़ी, डबरा, जिला ग्वालियर' दर्ज किया गया था। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसटीएफ भोपाल की ओर से इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 09/2026 पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12, विदेशी विषयक अधिनियम की धारा 14 और भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 17 के तहत कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। Add text below Add image below