Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में एक 70 वर्षीय व्यक्ति को सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के जरिए साइबर ठगी का शिकार बनाया गया है। ठगों ने पहले USDT क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश के बहाने भरोसा जीता और फिर 21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-70-21-194ff7b3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक 70 वर्षीय व्यक्ति को लाखों का चूना लगाया गया है। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती और निवेश के झूठे वादों के जाल में फंसकर पीड़ित ने करोड़ों रुपये गंवा दिए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिवेश सलाहकार बनकर ठगों ने साधा संपर्क Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराज्य साइबर सेल को दी गई शिकायत के अनुसार, रोशनी घर रोड निवासी अशोक विजयवर्गीय (70) से दिसंबर 2025 में एक महिला ने 'दिव्या' नाम से संपर्क किया। महिला ने खुद को एक निवेश सलाहकार बताया और USDT (यूएस डॉलर टेथर) क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में भारतीय मोबाइल नंबर से बात हुई, लेकिन बाद में ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों और एक विदेशी नंबर के जरिए संपर्क बनाए रखा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठगों ने पीड़ित को एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराया और निवेश शुरू करने को कहा। उन्होंने शुरुआत में कुछ छोटी रकम पर अच्छा रिटर्न दिखाकर अशोक विजयवर्गीय का विश्वास जीता। 7 जनवरी को, उन्होंने 1.88 लाख रुपये का मुनाफा पीड़ित के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिया, जिससे पीड़ित को लगा कि उसका निवेश सुरक्षित है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकरोड़ों के निवेश के बाद ठगी का एहसास Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभरोसा जीतने के बाद, पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में लगातार करोड़ों रुपये का निवेश किया। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया गया, जो अंततः 33.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जब पीड़ित ने यह बड़ी रकम निकालने की कोशिश की, तो भुगतान रोक दिया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठगों ने रकम निकालने के लिए पहले 10.84 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में मांगे। बाद में उन्होंने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए कहा कि वे अपनी ओर से 5.34 करोड़ रुपये जमा कर देंगे और बाकी पीड़ित जमा कर दे। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। अंत में, 'रिस्क मार्जिन' के नाम पर 1 करोड़ रुपये और मांगे गए, तभी अशोक विजयवर्गीय को इस साइबर धोखाधड़ी का एहसास हुआ। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आए 20 बैंक खाते Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित ने साइबर सेल को अपनी शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट, बैंक लेनदेन के स्क्रीनशॉट और 20 से अधिक बैंक खातों का पूरा विवरण सौंपा है। इन खातों में फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक सहित कई बैंकों के खाते शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग समय पर रकम ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस अब तीन व्हाट्सएप नंबरों और फर्जी पोर्टल की जांच कर रही है। Add text below Add image below