Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के ऐतिहासिक फूलबाग मैदान में विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान 60 फीट ऊंचे रावण और 55-55 फीट ऊंचे कुंभकरण व मेघनाथ के पुतलों को आग के हवाले किया गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-60-6e17b9a1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के प्रसिद्ध फूलबाग मैदान में इस वर्ष भी विजयदशमी का पावन पर्व बेहद उत्साह और उमंग के माहौल में मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की विजय के इस पावन पर्व पर शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान में एकत्रित हुए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशालकाय पुतलों का हुआ दहन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोजन के मुख्य आकर्षण के तौर पर फूलबाग मैदान में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही लंकापति के भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाथ के 55-55 फीट ऊंचे पुतले भी बनाए गए थे, जिन्हें अग्नि के हवाले किया गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशाम ढलते ही मैदान में स्थानीय नागरिकों का आना शुरू हो गया था, जिससे कुछ ही समय में पूरा परिसर खचाखच भर गया। पुतले जलने के दौरान आसमान में हुई जोरदार और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने इस पारंपरिक उत्सव की रौनक को और अधिक बढ़ा दिया, जिसका आनंद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने लिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteश्रीराम-लक्ष्मण की आरती और शुभकामनाओं का दौर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुतला दहन से पहले और बाद की धार्मिक रस्मों के तहत भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती उतारी गई। इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधर्म और नैतिकता की जीत का संदेश देने वाले इस पर्व पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर विजयादशमी की बधाइयां दीं और पर्व की खुशियां साझा कीं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुरक्षा और दमकल के पुख्ता इंतजाम Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमैदान में जुटी भारी जनसमूह को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल गाड़ियों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुतले जलने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, दमकल कर्मियों ने पानी के तेज बौछारों का उपयोग कर अवशेष आग को पूरी तरह से बुझाया, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। Add text below Add image below