Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर नगर निगम की विशेष बैठक मंगलवार को एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। पिछले छह महीने से एजेंडे के 16 बिंदुओं में से चर्चा 11वें बिंदु पर ही अटकी हुई है, जिसके चलते अब तक 11 बैठकें बेनतीजा रही हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-6-11-5bfb7849
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर नगर निगम की विशेष बैठक मंगलवार को एक बार फिर हंगामे के कारण स्थगित कर दी गई। यह लगातार ग्यारहवीं बार है जब इस विशेष सम्मेलन में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका। एजेंडे में शामिल 16 महत्वपूर्ण बिंदुओं में से पिछले छह महीने से चर्चा केवल 11वें बिंदु पर ही अटकी हुई है, जिससे शहर के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगतिरोध का मुख्य कारण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह विशेष सम्मेलन 5 जनवरी 2026 को 16 बिंदुओं के साथ शुरू हुआ था। भाजपा पार्षद जहां शहर की सफाई व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा चाहते हैं, वहीं कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि पहले पुराने लंबित मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। इस राजनीतिक खींचतान और अधूरी जानकारियों के कारण कई बैठकों को स्थगित करना पड़ा है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविपक्ष के नेता हरिपाल ने सीवर व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में भी इंदौर जैसी अप्रिय घटना घट सकती है, क्योंकि कई इलाकों में लोगों के घरों में सीवर का पानी घुस रहा है। हरिपाल ने बताया कि इसी गंभीर समस्या पर चर्चा के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की आवश्यकता पड़ी थी, जिस पर कांग्रेस पार्षदों ने भी हस्ताक्षर किए थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएमआईसी सदस्यों की राय Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, एमआईसी (महापौर परिषद) के सदस्यों का मानना है कि ये विशेष सम्मेलन अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से बुलाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन बैठकों में मूल और गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय अन्य विषयों पर समय बर्बाद किया जा रहा है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअगली बैठक की तैयारी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर निगम अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन आवश्यकता पड़ने पर ही बुलाए जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ बिंदुओं पर चर्चा पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ हंगामे या आवश्यक जानकारी के अभाव में स्थगित करने पड़े हैं। अब इस विशेष सम्मेलन की अगली बैठक 27 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। Add text below Add image below