Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न को बेहद कम स्टायपेंड मिलने से भारी नाराजगी है। ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में यहां के डॉक्टरों को हर महीने हजारों रुपए कम मिल रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-477-28131761
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) सहित मध्य प्रदेश के तमाम सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी सेवाएं दे रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों में गहरा असंतोष व्याप्त है। लंबी और कठिन शिफ्टों में काम करने के बावजूद इन डॉक्टरों को देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम स्टायपेंड दिया जा रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिदिन के हिसाब से 477 रुपए पर कर रहे काम Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौजूदा नियमों के तहत प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को प्रतिमाह केवल 14,337 रुपए का भुगतान किया जाता है। यदि इसे रोजाना के हिसाब से आंका जाए तो यह राशि महज 477 रुपए बैठती है, जो कि मौजूदा समय में एक अकुशल मजदूर की न्यूनतम दिहाड़ी के लगभग बराबर है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअन्य राज्यों के मुकाबले भारी अंतर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को 25 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, वहीं ओडिशा में यह राशि 44,319 रुपए तक है। इस प्रकार ओडिशा के मुकाबले मध्य प्रदेश के डॉक्टरों को प्रति माह करीब 30 हजार रुपए कम मिल रहे हैं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस भारी आर्थिक विसंगति के कारण प्रदेशभर में लगभग 3,600 इंटर्न डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इन सभी की मांग है कि स्टायपेंड की राशि को बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपए किया जाना चाहिए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबजती है घंटी, पर चलाना पड़ता है घर से खर्च Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजूनियर डॉक्टर एसोसिएशन जीआरएमसी के अध्यक्ष डॉ. धुआराम गुर्जर ने सरकार पर इंटर्न के साथ सौतेला बर्ताव करने का आरोप लगाया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मंहगाई के दौर में 14,337 रुपए में शहर के भीतर कमरा या हॉस्टल का किराया देना, मेस का बिल चुकाना, पढ़ाई के लिए किताबें खरीदना और अन्य बुनियादी जरूरतें पूरी करना बेहद मुश्किल हो गया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा भुगतान की प्रक्रिया भी पेचीदा है। संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा इंटर्नशिप पूरी होने का प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद ही स्टायपेंड जारी होता है, जिसके चलते कई बार घर से पैसे मंगाकर गुजारा करना पड़ता है। अन्य राज्यों में जहां समय पर स्टायपेंड की समीक्षा होती है, वहीं मध्य प्रदेश में इसमें कोई ठोस इजाफा नहीं हुआ है। Add text below Add image below