Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर जिले के आंतरी क्षेत्र में स्थित चार शताब्दी पुरानी ऐतिहासिक कचहरी प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज खंडहर में बदल चुकी है। कभी इस मजिस्ट्रेट कोर्ट से पूरे इलाके की पहचान जुड़ी थी, लेकिन सरकारी दफ्तर हटने के बाद अब यह परिसर पूरी तरह वीरान हो गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-400-fcca9533
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऐतिहासिक धरोहर की आज हो गई है यह हालत Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के नगर परिषद क्षेत्र आंतरी की ऐतिहासिक कचहरी समय और उपेक्षा की मार झेल रही है। कभी जिले की शीर्ष ग्राम पंचायत के रूप में शान बढ़ाने वाली यह चार सौ साल पुरानी इमारत अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इस कचहरी में मजिस्ट्रेट के बैठने की व्यवस्था हुआ करती थी और यहीं से पूरे क्षेत्र के प्रशासनिक कामकाज का संचालन होता था। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलगभग 100 बीघा में फैली है यह जमीन Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह ऐतिहासिक परिसर लगभग 100 बीघा के विशाल भूभाग पर फैला हुआ है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके अस्तित्व को बचाने के प्रयास के तहत अतीत में यहां तहसीलदार, पटवारी कार्यालय, बिजली विभाग और बैंक की शाखाएं तक संचालित की जाती थीं। हालांकि, समय बीतने के साथ और कार्यालयों के अन्यत्र स्थानांतरित होने से इस परिसर की रौनक धीरे-धीरे खत्म होती चली गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यालय हटने के बाद छा गई पूरी तरह वीरानियत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थिति तब और अधिक बिगड़ गई जब वर्ष 2025 में यहां से बची-कुची उप तहसील को भी हटाकर जौरासी रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के पास शिफ्ट कर दिया गया। तहसील कार्यालय के वहां से जाने के बाद इस कचहरी परिसर में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया और यह जगह असामाजिक तत्वों का ठिकाना बनकर रह गई है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के बाशिंदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस कचहरी से आंतरी का गौरवशाली इतिहास जुड़ा रहा है, उसका इस तरह नेस्तनाबूद होना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर को बचाया जाए और इसका पुनरुद्धार किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास से जुड़ी रह सके। Add text below Add image below