Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर की सड़कों पर आवारा पशुओं की आवाजाही से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा रोजाना मवेशियों को पकड़े जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-30-32fca047
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों पर मवेशियों का डेरा Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में आवारा मवेशियों की मौजूदगी आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए गंभीर संकट बन गई है। इन बेसहारा पशुओं के सड़कों पर अचानक आ जाने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनगर निगम की कार्रवाई और सीमाएं Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष अभियान चलाकर इन मवेशियों को पकड़ने और उन्हें गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजने का कार्य किया जा रहा है। निगम का दावा है कि रोजाना औसतन 30 मवेशियों को पकड़ा जा रहा है, किंतु कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद सड़कों पर दोबारा पशुओं के झुंड नजर आने लगते हैं। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआमखो, पड़ाव, मुरार, हजीरा और सिटी सेंटर जैसे ग्वालियर के लगभग सभी व्यस्त इलाकों में मवेशियों के सड़क के बीचों-बीच बैठने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। विशेष तौर पर शाम ढलते ही इनकी संख्या में इजाफा हो जाता है, जिससे गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंसाधनों की कमी बनी बड़ी बाधा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सीमित संसाधन भी एक बड़ी रुकावट साबित हो रहे हैं। मवेशियों को उठाने के लिए पूर्व में तीन वाहन संचालित किए जा रहे थे, जिनमें से वर्तमान में एक वाहन खराब हालत में है। ऐसे में केवल दो गाड़ियों के सहारे पूरे शहर के बड़े क्षेत्रफल में कार्रवाई करना अमले के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएक क्षेत्र में कार्रवाई पूरी करने के बाद दूसरे दूरदराज इलाके तक पहुंचने में काफी वक्त लग जाता है, जिसका लाभ उठाकर पशुओं को छोड़ने वाले लोग अपनी गतिविधियों को जारी रखते हैं। बिना कड़े जुर्माने और पशु पालकों पर लगाम कसे इस समस्या पर पूरी तरह काबू पाना निगम के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअपर आयुक्त ने दिए सख्ती के संकेत Add text below Add image below10Quote Paragraph Heading Subheading Quoteआवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने का अभियान निरंतर जारी है और पशुओं को छोड़ने वाले मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह बात अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है ताकि शहरवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। Add text below Add image below