Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में दो बच्चों के लापता होने की घटना के बाद प्रशासन और बाल आयोग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिना पंजीकरण चल रहे मदरसे को सील कर दिया है। मौके से रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों को विभिन्न संरक्षण गृहों में भेजा गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-26-a81f46f8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर में एजी ऑफिस के नजदीक संचालित हो रहे दारुल कुरआन मदरसे पर स्थानीय प्रशासन और मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान संस्थान के पास संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे सील करने की कार्रवाई को अंजाम दिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं में मिली गंभीर लापरवाही Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि मदरसे के भीतर बच्चों के रहने और खाने-पीने के इंतजाम बेहद खराब स्थिति में थे। बच्चों के बिस्तर अत्यंत गंदे मिले तथा कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल भी नहीं जा रहे थे। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बच्चों की देखरेख में भारी खामियां दर्ज कीं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम अतुल सिंह ने जानकारी दी कि यह मदरसा वर्ष 2017 से बिना किसी वैध पंजीकरण के चलाया जा रहा था। यहां ग्वालियर के अलावा दतिया, मुरैना, भिंड और पड़ोसी राज्य राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चे रह रहे थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो बच्चों के गायब होने के बाद खुला मामला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अवैध गतिविधि का खुलासा तब हुआ जब गत 15 सितंबर को 13 वर्ष का एक बच्चा अचानक लापता हो गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को एक अन्य बच्चा भी गायब हो गया था। हालांकि पुलिस ने दोनों बच्चों को तलाश लिया था, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद से मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी क्रम में शुक्रवार को बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशासनिक दल ने संस्थान की गहन छानबीन की और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कदम उठाया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चों को अलग-अलग संरक्षण गृहों में भेजा गया Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई के दौरान रेस्क्यू किए गए कुल 26 बच्चों में से 8 बालिकाएं और 18 बालक शामिल हैं। इनमें 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग की पांच बालिकाओं को मां कैला देवी वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है, जबकि 6 वर्ष से कम उम्र की तीन बच्चियों को शिशु गृह में रखा गया है। इसके अलावा 18 लड़कों को बाल सुधार गृह के सुपुर्द किया गया है। Add text below Add image below