Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में साइबर अपराधियों ने 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया है। इन घटनाओं में एक सेवानिवृत्त अधिकारी और एक व्यापारी लाखों रुपये की ठगी का शिकार हुए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-24-b7d9e479
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। बीते 24 घंटों के भीतर ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें लाखों रुपये की ठगी हुई है। इन वारदातों में एक सेवानिवृत्त अधिकारी को पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने एपीके फाइल भेजकर ठगा गया, जबकि एक व्यापारी के खाते से बिना किसी कॉल या ओटीपी के लाखों रुपये निकाल लिए गए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपेंशन कार्ड के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर निवासी 66 वर्षीय अनूप कुमार चौबे, जो उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, साइबर ठगी का शिकार हुए। 10 जुलाई को फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनाने का एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने उसमें अपनी जानकारी दर्ज की। कुछ समय बाद उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्हाट्सएप पर एक एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल भेजी गई। जैसे ही उन्होंने यह फाइल डाउनलोड की, उनका मोबाइल फोन हैंग हो गया और ठगों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से तीन ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 73 हजार रुपये निकाल लिए गए। बैंक पहुंचने पर उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पहले साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और फिर महाराजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteव्यापारी के खाते से बिना ओटीपी उड़ाए लाखों रुपये Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरा मामला माधौगंज थाना क्षेत्र की सिंधु आदर्श कॉलोनी के 45 वर्षीय व्यापारी बृजेश तलरेजा से जुड़ा है। उनका बैंक ऑफ इंडिया की नया बाजार शाखा में खाता है। 24 मई को अचानक उनके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। बृजेश तलरेजा ने बताया कि उन्हें न तो कोई कॉल आया था, न ही उन्होंने किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को कोई ओटीपी बताया। इसके बावजूद, ठगों ने यूपीआई सिस्टम की तकनीकी खामी का फायदा उठाते हुए उनके खाते से 10 ट्रांजेक्शन में 1 लाख 37 हजार 951 रुपये निकाल लिए। माधौगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उन बैंक खातों तथा यूपीआई आईडी की जांच शुरू कर दी है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस के अनुसार, दोनों ही मामलों में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी को ट्रेस कर फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनमें ठगी की गई रकम भेजी गई है। पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल को डाउनलोड न करने की अपील की है। Add text below Add image below