Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के स्वास्थ्य और भविष्य को देखते हुए 28 सप्ताह के गर्भ को हटाने की अनुमति दे दी है। यह मेडिकल प्रक्रिया विदिशा के शासकीय अस्पताल में विशेष डॉक्टरों की निगरानी में पूरी की जाएगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-13-09eec967
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के स्वास्थ्य और भविष्य को सर्वोपरि मानते हुए 28 सप्ताह और 2 दिन के गर्भ को समाप्त करने की अहम अनुमति प्रदान की है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के निर्देश पर तय हुई मेडिकल प्रक्रिया Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय की एकलपीठ के जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने विदिशा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वरिष्ठ विशेषज्ञों की निगरानी में यह प्रोसीजर संपन्न कराने के आदेश दिए हैं। तयशुदा निर्देशों के अनुसार बुधवार, 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे यह चिकित्सकीय प्रक्रिया की जाएगी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवैधानिक सीमा पार होने के कारण पहुंचा था मामला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविदिशा की बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, 13 वर्ष 2 माह की इस नाबालिग के साथ वर्ष की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था। गर्भ का समय पर पता न चल पाने के कारण जब जांच कराई गई, तब तक गर्भ की अवधि 28 सप्ताह से अधिक हो चुकी थी। कानूनन 24 सप्ताह से ज्यादा का गर्भ होने के कारण मामला अनुमति के लिए हाईकोर्ट पहुंचा। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाईकोर्ट के आदेश पर 28 सितंबर को एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर पीड़िता की जांच कराई गई थी। बोर्ड की रिपोर्ट में सामने आया कि पीड़िता मामूली आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया से ग्रसित है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिहाज से पूरी तरह फिट है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों की देखरेख और पुख्ता इंतजाम Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमेडिकल कॉलेज के डीन और अधीक्षक को स्त्री रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन और बाल रोग विशेषज्ञों की एक वरिष्ठ टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ब्लड बैंक, आईसीयू और नवजात शिशु देखभाल की पुख्ता व्यवस्था रखने को कहा गया है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया के दौरान मिलने वाले डीएनए सैंपल को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए ताकि कानूनी कार्रवाई और ट्रायल में उसका उपयोग हो सके। साथ ही, पीड़िता की पहचान की गोपनीयता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए विदिशा के एसपी और थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। Add text below Add image below