Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल में वीआईपी पोर्च से कार हटाने को लेकर जूनियर डॉक्टरों द्वारा सुरक्षाकर्मी और उसके परिजनों पर हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और अब तक कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-1000-db7923f8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में सुरक्षा में तैनात एक गार्ड और उसके परिवार के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित सुरक्षाकर्मी ने जिला जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की मांग की है और पुलिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवीआईपी पोर्च से गाड़ी हटाने पर हुआ था विवाद Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना 30 जुलाई की है, जब स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित दौरे के चलते जेएएच अस्पताल के 1000 बिस्तर वाले परिसर में सुरक्षाकर्मी योगेंद्र सिंह भदौरिया की ड्यूटी वीआईपी पोर्च पर लगाई गई थी। अधिकारियों के सख्त निर्देश थे कि इस जगह पर केवल अधिकृत वाहन ही पार्क किए जाएं। इसी दौरान वहां एक सफेद रंग की कार (MP07-CH2513) आकर रुकी, जिस पर डॉक्टर का कोई सिंबल नहीं था। जब योगेंद्र ने चालक से वाहन हटाने के लिए कहा, तो विवाद शुरू हो गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद बढ़ने पर आरोपी जूनियर डॉक्टर आर्यन धनोलिया ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद एप्रन पहने छह से अधिक युवकों ने गार्ड योगेंद्र, उनके भाई और भतीजे पर डंडों व लोहे की सरियों से हमला कर दिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनाबालिग बेटे को अगवा कर मारपीट और लूटपाट का आरोप Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब योगेंद्र का 16 वर्षीय बेटा पुलिस को सूचना देने के लिए दौड़ा, तो हमलावरों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। रास्ते भर उसके साथ मारपीट की गई और उसके कान की सोने की बाली तक निकाल ली गई। वहीं, बीच-बचाव करने आए भतीजे भोलू भदौरिया के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसकी सोने की चेन भी झपट ली गई। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिसमें हमलावरों की करतूत कैद होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि नामजद शिकायत के बाद भी पुलिस ने मामले में ढिलाई बरती है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइलाज में देरी और समझौते का दबाव Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयोगेंद्र भदौरिया ने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्हें रात एक बजे तक अस्पताल में इलाज के लिए परेशान होना पड़ा, बाद में उनके सिर पर 19 टांके आए। उनके भतीजे को भी 3 टांके लगे। अस्पताल परिसर में ही उन पर लगातार राजीनामा करने का दबाव बनाया गया, जिससे डरकर परिजन मरीज को अगले ही दिन घर ले जाने पर विवश हो गए। Add text below Add image below