Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते दतिया से आए 60 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। मृत बुजुर्ग की पत्नी इलाज के लिए स्टाफ के आगे गिड़गिड़ाती रही, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-1000-6e43d789
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के सबसे बड़े एक हजार बिस्तर के अस्पताल में इलाज में देरी और लापरवाही के कारण एक साठ वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। मृतक की पहचान दतिया जिले के ऊंचिया गांव निवासी रतिराम के रूप में हुई है, जो पिछले डेढ़ महीने से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया और झांसी के बाद ग्वालियर पहुंचे थे परिजन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्राप्त जानकारी के अनुसार रतिराम को लंबे समय से तेज बुखार की शिकायत थी और स्थानीय चिकित्सकों ने उनमें खून की कमी बताई थी। उनकी पत्नी रामप्यारी उन्हें पहले दतिया मेडिकल कॉलेज और बाद में झांसी के सरकारी अस्पतालों में ले गई थीं, परंतु स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद परिजनों की सलाह पर रामप्यारी अपने पति को बस के जरिए ग्वालियर लेकर पहुंचीं। बुधवार की सुबह करीब दस बजे वे एक हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचे, जहां कतार में लगकर पर्चा बनवाया गया और डॉक्टरों द्वारा लिखी गई शुरुआती जांचें भी पूरी करवा ली गईं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफर्श पर तड़पते रहे मरीज, नहीं मिला किसी डॉक्टर का सहारा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपत्नी रामप्यारी का आरोप है कि पर्चा बनने और जांचें होने के बावजूद किसी भी डॉक्टर ने उनके पति को नहीं देखा और न ही वार्ड में भर्ती किया गया। दोपहर के वक्त अचानक बुखार और पीड़ा बढ़ने पर रतिराम बेंच से नीचे फर्श पर गिर पड़े और दर्द से कराहते रहे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान रामप्यारी अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर इलाज की गुहार लगाती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी गुहार नहीं सुनी। मदद के लिए आगे आए कुछ अन्य लोगों ने जब गार्ड्स से स्ट्रेचर मांगा, तो उन्हें डॉक्टरों के हड़ताल पर होने की बात कहकर टाल दिया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचार घंटे तक तड़पने के बाद तोड़ा दम Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल पहुंचने के करीब चार घंटे तक फर्श पर अछूते पड़े रहने के बाद रतिराम ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। बुजुर्ग की सांसें थमने के ठीक बाद अस्पताल का अमला हरकत में आया और फौरन स्ट्रेचर मंगाकर शव को आईसीयू पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दुखद घटना के बाद गरीब पत्नी रामप्यारी का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके पास अपने पति के शव को वापस घर ले जाने के लिए एंबुलेंस का किराया तक नहीं था। उल्लेखनीय है कि यह पूरी घटना ऐसे समय में घटी जब अस्पताल के डॉक्टर विभिन्न मांगों और विरोध प्रदर्शनों के चलते हड़ताल पर थे। Add text below Add image below