Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान झांसी रोड बस स्टैंड के सामने निर्माणाधीन सड़क अचानक धंस गई, जिससे एक कार गहरे गड्ढे में जा गिरी। घटना के काफी देर तक कोई भी प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके बाद कार मालिक को ट्रैक्टर की मदद से वाहन बाहर निकालना पड़ा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-10-db421586
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में मौसम की पहली ही तेज बारिश ने शहर की सड़कों के निर्माण कार्यों और उनकी गुणवत्ता की पोल खोल दी है। बुधवार को करीब डेढ़ घंटे हुई बारिश के चलते झांसी रोड बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क अचानक नीचे बैठ गई, जिससे वहां करीब 10 से 12 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगड्ढे में समाई कार, बाल-बाल बचा परिवार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी दौरान वहां से गुजर रही एक कार (MP07-ZQ4804) इस अचानक बने गड्ढे की चपेट में आ गई और उसका अगला हिस्सा उसमें जा धंसा। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा टल गया, हालांकि कार में सवार परिवार के एक बच्चे को इस दुर्घटना में मामूली चोटें आईं। घटना के वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक लापरवाही: 45 मिनट तक नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मदद के प्रयास किए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि करीब 45 मिनट तक न तो नगर निगम, न ही ट्रैफिक पुलिस और न ही लोक निर्माण विभाग का कोई भी नुमाइंदा मौके पर पहुंचा। आखिरकार कार चालक ने खुद पहल करते हुए घर से ट्रैक्टर और रस्सी मंगवाई और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार को गड्ढे से बाहर निकाला। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteव्यापारियों का फूटा गुस्सा, बोले- दो साल से चौपट है कारोबार Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय दुकानदार राजेश सिंह कुशवाहा ने रोष जताते हुए बताया कि यह सड़क पिछले लंबे समय से खुदी पड़ी है। सीवर लाइन डालने के बाद गड्ढों की सही से भराई नहीं की गई और न ही मानकों का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि सड़क की इस बदहाली के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं आ पा रहे हैं, जिससे उनका पूरा व्यापार चौपट हो गया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनगर निगम ने इसे बताया 'सेटलमेंट', कार्यपालन यंत्री का बयान Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले पर सफाई देते हुए नगर निगम के कार्यपालन यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन करीब 6 मीटर की गहराई पर डाली गई थी और करीब 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य हुआ था। उनका कहना था कि बारिश के पानी के कारण सड़क के हिस्से में 'सेटलमेंट' हो गया है, जो इस मौसम में हो सकता है। इसी वजह से सड़क की अंतिम परत नहीं डाली गई थी। निगम अधिकारियों के अनुसार अब मौके पर गिट्टी डालकर मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है। Add text below Add image below