Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के मुरार इलाके में एक अविवाहित महिला की मौत के बाद फर्जी वसीयत तैयार कर करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित भाई की शिकायत पर नौकरानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-10-449571ea
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भगत सिंह मार्केट स्थित संभाजी राव का बंगला परिसर में लगभग 10 हजार वर्गफीट की बहुमूल्य संपत्ति को जालसाजी के माध्यम से अपने नाम कराने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैकडेटेड वसीयत तैयार कर रची गई साजिश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए 17 फरवरी 2017 की बैकडेटेड फर्जी वसीयत बनाई गई थी। महाराष्ट्र के पुणे जिले के तानावडी निवासी मृतका के भाई की तरफ से दी गई शिकायत और प्रारंभिक पुलिस जांच के बाद मुरार थाने में मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदेखरेख के लिए रखे गए कर्मचारियों पर ही उठे सवाल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार उर्फ विजय कुमार भोंसले ने पुलिस को बताया कि उनकी अविवाहित बहन तारा भोंसले का निधन 18 जनवरी 2018 को हो गया था। बहन के देहांत के पश्चात उस property की देखरेख के वास्ते जितेंद्र शर्मा को काम पर रखा गया था। समय बीतने के साथ नीयत में खोट आने पर जितेंद्र शर्मा, उसकी पत्नी सुनीता शर्मा तथा घरेलू सहायिका अंजली भोंसले ने मिलकर साजिश रची और एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनामांतरण के आवेदन से उजागर हुआ पूरा फर्जीवाड़ा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूरे षड्यंत्र का खुलासा तब हुआ जब आरोपी जितेंद्र शर्मा ने नगर निगम कार्यालय में उसी फर्जी वसीयत को आधार बनाकर संपत्ति के म्यूटेशन यानी नामांतरण के लिए फाइल लगा दी। पुलिस तफ्तीश में यह भी सामने आया कि उक्त वसीयत की प्रमाणित कॉपी घटना के करीब छह साल बाद 4 मार्च 2024 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से निकाली गई थी। साथ ही, संबंधित नोटरी रजिस्टर का मूल दस्तावेज भी जांच एजेंसी को नहीं सौंपा जा सका। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी साजिश का एक और दिलचस्प पहलू यह रहा कि उस कथित वसीयत में गवाह के रूप में आरोपी जितेंद्र की पत्नी सुनीता शर्मा और नौकरानी अंजली भोंसले के ही हस्ताक्षर थे। तारा भोंसले के इंतकाल के लगभग सात साल बाद अचानक शुरू हुई नामांतरण प्रक्रिया से इस कागजात की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रार्थी की लिखित शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस अब वसीयत के दस्तावेजों की सत्यता और अन्य बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा। Add text below Add image below