Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना के एक निजी स्कूल में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के दौरान एक छात्रा का अनूठा विरोध प्रदर्शन सामने आया है। छात्रा ने तख्तियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसकी चर्चा शहरभर में हो रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-ffbd925b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में दिखा अलग अंदाज Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना शहर के एक निजी विद्यालय में हाल ही में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न प्रकार की वेशभूषा में नजर आए। इसी दौरान एक छोटी बच्ची की प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी लोगों का विशेष रूप से ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतख्तियों के जरिए बयां किया दर्द Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्टेज पर पहुंची यह बच्ची अपनी सामान्य स्कूल यूनिफॉर्म में थी और उसने अपने मुंह पर पट्टी बांध रखी थी। वह अपने साथ एक तख्ती लेकर आई थी और एक अन्य तख्ती उसकी पीठ पर लटकी हुई थी। इन पोस्टरों और तख्तियों पर लिखे संदेशों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। Add text below Add image below05Quote Paragraph Heading Subheading Quoteबच्ची के पोस्टर पर लिखा था - सरकार की पाठशाला, अटेंडेंस शीट। लोकतंत्र एब्सेंट सर। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा उसकी पीठ पर टंगे पोस्टर पर यह भी लिखा गया था कि लोकतंत्र को पाठशाला से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि वह लगातार सवाल पूछता था। संदेश में आगे जिक्र था कि जब सवाल पूछने वाला छात्र चुप या गायब हो जाता है, तब किताबें तो खुली रहती हैं लेकिन दिमाग बंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे शिक्षित तो हो जाते हैं लेकिन जागरूक नागरिक नहीं बन पाते। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनागरिकों के बीच शुरू हुई चर्चा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अनोखे प्रदर्शन के बाद शहर के कई नागरिकों द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के विषयों को स्कूली स्तर पर बच्चों के माध्यम से मंच पर लाना उचित नहीं है, वहीं इस बात पर भी बहस छिड़ गई है कि आखिर बच्चों को इस तरह की प्रस्तुतियां कराने के पीछे क्या उद्देश्य था। Add text below Add image below