Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना शहर के एक निजी स्कूल में फैंसी ड्रेस कार्यक्रम के तहत नाबालिग छात्रा से विवादित राजनीतिक संदेशों वाली प्रस्तुति कराए जाने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जिला कलेक्टर और डीईओ को नोटिस भेजकर दो हफ्ते के भीतर विसCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-f62469a5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के दौरान एक नाबालिग छात्रा से कथित तौर पर विवादित राजनीतिक संदेशों का प्रदर्शन कराए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और प्रशासन को तलब किया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला और तख्ती पर लिखे संदेश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के एक निजी स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा स्कूल ड्रेस पहनकर मंच पर आई, जिसके मुंह पर पट्टी बंधी हुई थी और उसके हाथ में एक तख्ती थमाई गई थी। उस तख्ती पर ‘सरकार की पाठशाला’ और ‘अटेंडेंस शीट’ का जिक्र किया गया था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रस्तुति के दौरान तख्ती पर बेरोजगारी, नफरत, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, महंगाई, गरीबी, वोट चोरी, पेपर लीक और घोटालों जैसे गंभीर विषयों के आगे ‘प्रेजेंट सर’ लिखा हुआ था, जबकि लोकतंत्र के आगे ‘एब्सेंट सर’ दर्शाया गया था। इसके अलावा छात्रा की पीठ पर टंगी दूसरी तख्ती पर भी लोकतंत्र और जागरूकता से जुड़े संदेश लिखे थे, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद बढ़ने पर हुए प्रदर्शन और संगठनों की आपत्तियां Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस विवादित प्रस्तुति के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने स्कूल के प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपकर इस पर जवाब मांगा। हालांकि, बढ़ते दबाव के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए इसकी जिम्मेदारी अभिभावकों पर डाल दी थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामला यही नहीं थमा, बल्कि शुक्रवार को हिंदू समाज के लोगों ने भी स्कूल के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। लगातार बढ़ते विरोध के चलते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई और मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआयोग ने दो सप्ताह के भीतर मांगी जांच रिपोर्ट Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोग के विधि प्रभाग द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, इस मामले की शिकायत 15 अक्टूबर को प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर 16 अक्टूबर को यह कदम उठाया गया। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया नाबालिगों के मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन का गंभीर मामला माना है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत यह संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, गुना कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मामले की जांच कराकर दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। Add text below Add image below