Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के भदौरा जंगल में मिले तेंदुए के क्षत-विक्षत शव के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वन्यजीव शिकार के आरोपियों की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-e71451b3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के भदौरा वन क्षेत्र में हुए बहुचर्चित तेंदुए के शिकार के मामले में अदालत ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने इस क्रूर वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की ओर से दायर की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। वन विभाग द्वारा इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाए गए थे, जिसके आधार पर आरोपियों को राहत नहीं मिल सकी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की शुरुआत 30 जुलाई को हुई थी जब गुना उत्तर वन परिक्षेत्र की भादौरा सब रेंज के अंतर्गत आगरा-हंसली के जंगलों में ग्रामीणों ने एक तेंदुआ का शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौके पर मिले तेंदुए के शव की हालत बेहद भयावह और क्षत-विक्षत थी। उसके चारों पैर, सिर और शरीर की खाल गायब थी, केवल धड़ ही वहां बचा हुआ था। इस क्रूरता को देखकर शुरुआती तौर पर ही यह स्पष्ट हो गया था कि वन्यजीव तस्करों ने नाखून, दांत और खाल हासिल करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवन विभाग की जांच और चार आरोपियों की गिरफ्तारी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की गंभीरता को देखते हुए शिवपुरी सर्किल के सीसीसीएफ आदर्श श्रीवास्तव और गुना डीएफओ अक्षय राठौर के मार्गदर्शन में विशेष जांच शुरू की गई। वन विभाग की टीम ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। तकनीकी साक्ष्यों और छानबीन के आधार पर अवैध शिकार में संलिप्त चार संदिग्धों की पहचान कर ली गई थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई के दौरान वन विभाग ने चारों आरोपियों खुमानसिंह पुत्र रावला बारेला, रमेश उर्फ पप्पू पुत्र करणसिंह बारेला, लखन पुत्र गणपत बारेला और डूमसिंह पुत्र काशीराम बारेला को धर दबोचा। ये सभी आरोपी ग्राम हांसली के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से तीन कट्टों में छिपाकर रखे गए तेंदुए के अंग, पैर और खाल भी बरामद कर ली गई थी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए ठुकराई अर्जी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगिरफ्तारी के बाद आरोपी डूम सिंह बरेला और रमेश बरेला के वकीलों ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने एक संरक्षित वन्यजीव का शिकार कर बेहद गंभीर अपराध किया है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। Add text below Add image below