Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के आरोन क्षेत्र में एक चार वर्षीय बच्चे का हाथ कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगने के कारण खराब हो गया है। बच्चे के पिता ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-d6169e36
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के आरोन इलाके में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर द्वारा गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए जाने के कारण एक बच्चे का हाथ खराब हो गया। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे बच्चे के पिता ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि उनके बेटे का भविष्य इस घटना से अंधकारमय हो गया है, क्योंकि वह न तो ठीक से खाना खा पाता है और न ही लिख पाता है। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविदिशा जिले के उनारसी कलां निवासी राजेश अहिरवार ने जनसुनवाई में कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। लगभग दो महीने पहले, उनके चार वर्षीय बेटे आर्यन को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए वे आरोन के सिविल अस्पताल में डॉक्टर महेश राजपूत के पास ले गए थे। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराजेश अहिरवार के अनुसार, डॉक्टर ने आर्यन के इलाज के लिए 1200 रुपये की दवाएं और इंजेक्शन लिखे थे। डॉक्टर महेश ने बच्चे के उल्टे हाथ में इंजेक्शन लगाने की कोशिश की, लेकिन वह सही से नहीं लगा और इसके बाद हाथ में संक्रमण फैल गया। देखते ही देखते, संक्रमण पूरे हाथ में फैल गया और बच्चे का हाथ खराब हो गया, जो अब तक ठीक नहीं हो पाया है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो ऑपरेशन के बाद भी नहीं मिला आराम Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआर्यन के पिता ने बताया कि बेटे के खराब हुए हाथ का दो बार ऑपरेशन भी कराया जा चुका है। इस उपचार में अब तक लगभग 70 से 80 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इस भारी खर्च को उठाने के लिए उन्हें अपनी एक बीघा जमीन और कुछ रकम गिरवी रखनी पड़ी। उन्होंने डॉक्टर राजपूत से अपने बेटे का हाथ खराब होने की शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टर ने कुछ समय तक गुना के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन इससे भी कोई खास सुधार नहीं हुआ। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजब कुछ दिनों बाद भी बच्चे के हाथ में सुधार नहीं हुआ, तो राजेश अहिरवार ने फिर से डॉक्टर से संपर्क किया। इस बार डॉक्टर ने इलाज कराने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि 'जो करना है कर लो, अब मैं इलाज नहीं कराऊंगा'। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित पिता ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने अपने आवेदन में मांग की है कि उनके बेटे का हाथ ठीक कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत मिलने के बाद, कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। Add text below Add image below