Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के म्याना क्षेत्र में मामूली बात पर हुए विवाद के बाद बेटे ने गैंती से हमला कर अपने पिता की हत्या कर दी थी। त्वरित सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-ccacae45
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमात्र चार महीने में आया फैसला Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के म्याना इलाके के अंतर्गत आने वाले सगोरिया गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। बाइक की चाबी मांगने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली थी। इस सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र चार महीने के भीतर ही ट्रायल पूरा कर लिया और आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपेट्रोल निकालने की बात पर बढ़ा था विवाद Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमृतक रमेश जाटव (40) मकान निर्माण का ठेका लेते थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बीते 24 अप्रैल की शाम रमेश अपने छोटे बेटे विवेक के साथ उमरी जाने की तैयारी कर रहे थे, जहां उन्हें एक शादी समारोह में मंडप पहनाने पहुंचना था। यात्रा के लिए रमेश ने अपने बड़े बेटे विकास जाटव से मोटरसाइकिल की चाबी मांगी और उसे घर की देखरेख के लिए रुकने को कहा। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविकास ने चाबी देने से इनकार कर दिया और कहा कि उसने एक दिन पहले ही बाइक का टैंक फुल करवाया है, इसलिए वह पहले टंकी से पेट्रोल निकालेगा और तभी चाबी देगा। पिता ने बेटे की इस बात पर सहमति जताते हुए उसे चाबी लाकर पेट्रोल निकालने की अनुमति भी दे दी थी। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगैंती से किया गया था घातक हमला Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपिता की रजामंदी मिलने के बाद विकास घर के भीतर गया, लेकिन पेट्रोल निकालने के बजाय वह हाथ में निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली गैंती लेकर बाहर आ गया। उसने बिना किसी और बातचीत के सीधे अपने पिता के सिर पर गैंती से जोरदार वार कर दिया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से रमेश मौके पर ही अछूत होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विकास तुरंत वहां से फरार हो गया। आनन-फानन में परिवार के लोग घायल रमेश को लेकर म्याना अस्पताल की तरफ निकले। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइलाज के दौरान हुई मौत और अदालत का फैसला Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में परिजनों को डायल 112 की टीम मिल गई। पुलिसकर्मियों की सलाह पर परिजन घायल को लेकर सीधे गुना जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान रात करीब 3 बजे रमेश ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी की मां और भाई अपने शुरुआती बयानों से मुकर गए थे, लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए मजबूत तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विकास जाटव को पिता की हत्या का दोषी करार दिया। इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने पैरवी की थी। Add text below Add image below