Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में वर्ष 2018 से बंद पड़ी नारायणपुरा शक्कर फैक्ट्री को फिर से शुरू करने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ा दिए हैं। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को फैक्ट्री का विस्तृत निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को एक सप्ताह में कार्ययोजना प्रस्तुत Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-c9e9f555
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के नारायणपुरा में स्थित शक्कर कारखाने को दोबारा संचालित करने की दिशा में अब तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। यह कारखाना वर्ष 2018 से बंद पड़ा है, जिसके कारण हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। इसके पुनर्संचालन की मांग को लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किए हैं और 'नारायणपुरा शक्कर कारखाना बचाओ आंदोलन' भी चलाया जा चुका है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर ने किया विस्तृत निरीक्षण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक स्तर पर इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, बुधवार को कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने नारायणपुरा शक्कर फैक्ट्री का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री की मौजूदा स्थिति, वहां उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैक्ट्री के पुनः संचालन की सभी संभावनाओं का परीक्षण करते हुए एक विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने सबसे पहले फैक्ट्री के कार्यालय का अवलोकन किया और वहां के अभिलेखों तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व में फैक्ट्री में कार्यरत रहे कर्मचारियों से भी बातचीत की, ताकि संचालन व्यवस्था, उत्पादन क्षमता और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके बाद, उन्होंने पूरे फैक्ट्री परिसर का भ्रमण किया, जिसमें उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न मशीनें और पावर हाउस शामिल थे। उन्होंने तकनीकी पहलुओं की भी विस्तृत जानकारी हासिल की। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुनर्संचालन के लिए दो विकल्पों पर विचार Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर कन्याल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए दो मुख्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। पहला विकल्प यह है कि वर्तमान में उपलब्ध मशीनों और संसाधनों का जीर्णोद्धार कर फैक्ट्री का संचालन फिर से शुरू किया जाए। दूसरा विकल्प यह है कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप नए सिरे से संयंत्र स्थापित कर फैक्ट्री को संचालित किया जाए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दोनों विकल्पों की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का गहन परीक्षण किया जाए और उसके आधार पर एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं (डीआरसीएस) को निर्देशित किया गया है कि वे सभी संबंधित विभागों के समन्वय से एक सप्ताह के भीतर यह विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें, ताकि फैक्ट्री के पुनर्जीवन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक दुबे, एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी, प्रभारी उपायुक्त सहकारिता दिनेश चौरासिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। Add text below Add image below