Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में पुलिस ने पारदी बहुल गांवों के 579 वारंटी बदमाशों के घरों की जियो-टैगिंग कर डिजिटल कुंडली तैयार की है। इस तकनीकी पहल से अब दूसरे राज्यों की पुलिस को भी आरोपियों को पकड़ने में आसानी होगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-c2aaf987
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदेश के विभिन्न राज्यों की पुलिस अक्सर आपराधिक वारदातों के बाद पारदी बस्तियों में दबिश देने जाती थी, लेकिन सही ठिकानों की जानकारी न होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता था। इस समस्या से निपटने के लिए गुना जिले की पुलिस ने एक अभिनव प्रयोग किया है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ अब बेहद आसान हो जाएगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote579 बदमाशों के घरों की हुई जियो-टैगिंग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय पुलिस प्रशासन ने चार प्रमुख पारदी बहुल गांवों के कुल 579 वारंटी बदमाशों के घरों को अपने डिजिटल नक्शे पर पूरी तरह से उतार लिया है। इसके लिए पुलिसकर्मियों ने व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर जियो-टैगिंग की प्रक्रिया पूरी की, मुखबिर तंत्र से पते जुटाए और मौके पर जाकर उनकी सत्यता की जांच भी की। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी प्रक्रिया के बाद एक विस्तृत आपराधिक डेटाबेस और डिजिटल कुंडली तैयार की गई है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एक तरफ जहां इन बदमाशों की संपूर्ण प्रोफाइल तैयार की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ 'नई दिशा' अभियान के माध्यम से इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअपराध छोड़ने वालों के लिए 'नई दिशा' अभियान Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक कार्रवाई केवल सख्ती तक ही सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि सकारात्मक बदलाव के लिए भी कदम उठाए गए हैं। 'नई दिशा' अभियान के अंतर्गत पारदी समाज के उन लोगों को विशेष रूप से चिन्हित किया जा रहा है जो अपराध का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। ऐसे परिवारों और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर और उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजीपीएस नेविगेशन से सीधे दरवाजे तक पहुंचेगी पुलिस Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएक विशेष टीम ने कनेरा चक, खेजरा चक, बीलाखेड़ी और कनेरी गांवों में चिन्हित 579 वारंटियों के घरों के अक्षांश और देशांतर यानी लैटीट्यूड-लॉन्गीट्यूड को रिकॉर्ड करके जियो-टैगिंग की है। इस तकनीकी व्यवस्था के बाद अब अन्य जिलों या दूसरे राज्यों की पुलिस को इन गांवों की गलियों में रास्ता भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअब पुलिसकर्मी सीधे जीपीएस नेविगेशन की मदद से सटीक लोकेशन पर दबिश दे सकेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से उन चुनिंदा स्थानीय कर्मियों पर भी निर्भरता समाप्त हो गई है जो खुद को पारदी मामलों का विशेषज्ञ बताते थे और पूर्व में सूचनाएं लीक होने की शिकायतें सामने आती थीं। Add text below Add image below