Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना शहर के एक निजी स्कूल में शिक्षा विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर धमकने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आरोपी सोशल मीडिया पर भी खुद को सरकारी कर्मचारी बताता था और स्कूलों पर धौंस जमाता था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-aab398a8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के गुना शहर में फर्जीवाड़े का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक युवक खुद को शिक्षा विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर शहर के निजी स्कूलों में निरीक्षण करने पहुंच जाता था और स्कूल प्रबंधन को अपनी धौंस दिखाता था। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote31 अगस्त को स्नेहलता पब्लिक स्कूल पहुंचा था आरोपी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरी घटना गुना शहर के बूढ़े बालाजी क्षेत्र स्थित स्नेहलता पब्लिक स्कूल की है। गत 31 अगस्त को अमित रजक नाम का एक युवक इस स्कूल में पहुंचा और उसने खुद को शिक्षा विभाग का उपसंचालक बताया। इसके बाद उसने स्कूल की कक्षाओं और व्यवस्थाओं का मुआयना करना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने स्कूल प्रबंधन पर रौब झाड़ते हुए मान्यता समाप्त कराने तक की धमकी दी थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्कूल प्रबंधन को जब युवक की हरकतों और उसके रुतबे पर संदेह हुआ, तो उन्होंने उसकी पुरानी गतिविधियों की पड़ताल की। सामने आया कि जुलाई महीने में भी इसी युवक ने स्कूल को फोन किया था और एक छात्रा की ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) बिना बकाया फीस चुकाए जारी करने का दबाव बनाया था। जब स्कूल प्रबंधन ने उसकी बात नहीं मानी, तब भी उसने मान्यता रद्द करने की बात कहकर डराने का प्रयास किया था। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया से खुला फर्ज़ीवाड़ा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्कूल परिसर में हुई यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। इसके बाद स्कूल संचालक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने शिकंजा कसा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान पुलिस को आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी मिली। मूल रूप से आरोन के रहने वाले अमित रजक ने अपने सोशल मीडिया बायो में खुद को सरकारी कर्मचारी और गुना के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़ा होना बताया था। इसके अलावा उसने खुद को यूपीएससी का अभ्यर्थी भी लिख रखा था। उसके अकाउंट पर ऐसे कई फोटोग्राफ्स मिले, जिनमें वह गले में 'मप्र शासन' लिखा हुआ आईडी होल्डर लटकाए हुए नजर आ रहा है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफर्जी आईडी कार्ड बनाकर चला रहा था रौब Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोपी के पास से एक पहचान पत्र भी बरामद हुआ है, जिसके ऊपर 'मध्यप्रदेश शासन' और नीचे 'डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस, गुना' मुद्रित है। इस कार्ड में उसका नाम अमित रजक और पद का नाम 'डिप्टी एजुकेशन ऑफिसर' लिखा हुआ है। हालांकि, शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अमले में इस नाम का कोई पद अस्तित्व में ही नहीं है, जिससे यह साफ हो गया कि पूरा आईडी कार्ड और उसका रुतबा पूरी तरह फर्जी था। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी इस फर्जी गतिविधियों का प्रचार करने के लिए आरोपी स्कूलों के निरीक्षण के दौरान खींचे गए फोटो अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर अपलोड करता था। स्नेहलता पब्लिक स्कूल में निरीक्षण के बाद भी उसने वहां के फोटो स्टेटस पर लगाए थे और खुद को उप जिला शिक्षा अधिकारी बताते हुए शैक्षणिक गतिविधियों व व्यवस्थाओं का जायजा लेने की बात लिखी थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और कितने स्कूलों को अपना निशाना बनाया है। Add text below Add image below