Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपड़ोसी जिले अशोकनगर के भैंसरवास गांव में एक किसान की सर्पदंश से दुखद मौत हो गई। परिजनों ने सांप के काटने के बाद अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे इलाज में कीमती घंटे बर्बाद हो गए और किसान की जान नहीं बचाई जा सकी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-a2f16af0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के भैंसरवास गांव से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास के चलते एक किसान को अपनी जान गंवानी पड़ी। खेत में काम करते समय सांप के काटने के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में महत्वपूर्ण समय बर्बाद कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप किसान की मृत्यु हो गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteघटना का विस्तृत विवरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजानकारी के अनुसार, भैंसरवास निवासी 50 वर्षीय किसान चिरोंजीलाल कुशवाह 9 जुलाई की दोपहर लगभग 3 बजे अपने खेत में फसल देखने गए थे। इसी दौरान खेत में छिपे एक जहरीले सांप ने उनके पैर में डस लिया। सर्पदंश के तुरंत बाद चिरोंजीलाल की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्होंने तत्काल अपने परिवार को इसकी सूचना दी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसांप के काटने की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य घबरा गए, लेकिन उन्होंने आधुनिक चिकित्सा का सहारा लेने के बजाय अंधविश्वास का रास्ता चुना। वे चिरोंजीलाल को लेकर अशोकनगर और पड़ोसी गुना जिले के बोरखेड़ा सहित दो अलग-अलग स्थानों पर झाड़-फूंक कराने के लिए भटकते रहे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअंधविश्वास और देरी का घातक परिणाम Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अंधविश्वास के चक्कर में लगभग 5 से 6 घंटे का बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया। इस दौरान सांप का जहर चिरोंजीलाल के पूरे शरीर में तेजी से फैल गया, जिससे उनकी हालत गंभीर होती चली गई। जब स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई, तब जाकर देर रात परिजन उन्हें गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने किसान को तुरंत भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद चिरोंजीलाल को बचाया नहीं जा सका। आखिरकार, शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो साल पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने बताया कि चिरोंजीलाल के साथ यह दूसरा ऐसा हादसा था। ठीक दो साल पहले भी उन्हें इसी खेत में सांप ने डसा था। उस समय उन्हें समय पर सही इलाज मिल गया था या शायद जहर का प्रभाव कम था, जिसके कारण उनकी जान बच गई थी। लेकिन इस बार अंधविश्वास और इलाज में हुई देरी उनकी मौत का कारण बन गई। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। Add text below Add image below