Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअमेजन कंपनी के साथ दस करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में गुना पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों से कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी को सिम कार्ड और ओटीपी उपलब्ध कराने वाला मददगार भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-7d591874
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदस करोड़ के फ्रॉड में पुलिस रिमांड पर आरोपी Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअमेजन के साथ हुए दस करोड़ रुपये से अधिक के बड़े फ्रॉड के मामले में पुलिस हिरासत में चल रहे आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। इस हाईप्रोफाइल मामले में रविवार को पुलिस के सामने कई अहम और हैरान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे इस पूरी वारदात की परतें उधड़ने लगी हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहज बीए पास है मास्टरमाइंड शेखर मीणा Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में पता चला है कि इस बड़े फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी शेखर मीणा केवल बीए पास है। इसके बावजूद उसने ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन और डिलीवरी कंपनी ब्लू डार्ट की व्यवस्थाओं की तकनीकी कमियों का फायदा उठाया। इसी कमजोरी का लाभ लेकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और करोड़ों का साम्राज्य बना डाला। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहज कुछ साल पहले तक साधारण स्थिति में रहने वाले शेखर ने ठगी के काले कारोबार से अकूत संपत्ति जुटाई। उसने अपने पैतृक गांव में करीब दस हजार वर्ग फीट में एक आलीशान मकान का निर्माण कराया, जिसके अगले हिस्से में कई दुकानें भी बनवाई गई हैं। इसके अलावा उसे महंगे गैजेट्स और लग्जरी गाड़ियों का भी शौक लग गया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउधार चुकाने के एवज में देता था सिम और ओटीपी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्य आरोपी शेखर मीणा को फर्जीवाड़े के लिए जरूरी सिम कार्ड और ओटीपी तरुण शर्मा उपलब्ध कराता था। राघौगढ़ में एयरटेल पेमेंट्स बैंक चलाने वाले तरुण की दुकान पर रोजाना भारी संख्या में ग्राहक आते थे। तरुण ने शेखर से अपनी मां के इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वह चुका नहीं पा रहा था। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउधारी के दबाव से निकलने के लिए शेखर ने तरुण को इस अवैध काम में शामिल कर लिया। तरुण अपनी दुकान पर आने वाले उपभोक्ताओं से कहता था कि उसके फोन पर ओटीपी नहीं आ रहा है, इसलिए वह ग्राहक का नंबर लेकर शेखर को फॉरवर्ड कर देता था। इन नंबरों से अमेजन पर फर्जी खाते बनाए जाते थे और ओटीपी आने पर तरुण उसे शेखर तक पहुंचा देता था। प्रति ओटीपी सात सौ रुपये का भुगतान तय किया गया था। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजस्थान तक फैला था नेटवर्क और बैंक खातों की जांच Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शेखर राजस्थान के कई स्थानीय दुकानदारों को कम दाम पर मोबाइल फोन बेचता था। इसी सुराग के आधार पर गुना पुलिस की एक टीम राजस्थान के बारां जिले पहुंची और वहां से एक मोबाइल दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शेखर द्वारा बेचे गए अन्य मोबाइलों की भी तलाश की जा रही है। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोपी की विलासिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने पिछले एक साल में ही पांच वाहन बदल डाले थे। उसने हाल ही में करीब चालीस लाख रुपये की थार गाड़ी बुक कराई थी, जिसकी डिलीवरी आगामी दीपावली पर होनी थी। पुलिस ने शेखर के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी खंगाले हैं, जिनमें भारी मात्रा में मोबाइल पेमेंट और रिफंड के लेनदेन मिले हैं। साथ ही उसकी संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका को पत्र लिखा गया है। Add text below Add image below