Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryरविवार शाम को अचानक बदले मौसम के मिजाज से गुना में आधे घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश हुई। इस बिन मौसम बरसात ने खेतों में कटी पड़ी फसल को बर्बाद करने के साथ-साथ मंडी में खुले में रखे मक्का को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-790043b5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना शहर में रविवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। देखते ही देखते आधे घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बिन मौसम हुई इस तेज बरसात से जहां शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं इसका सबसे गंभीर असर स्थानीय कृषि क्षेत्र और व्यापार पर देखने को मिला है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखेतों में कटी पड़ी मक्का पर पड़ी मार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र में हुई इस बारिश ने खेतों और खलिहानों में कटी पड़ी मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कंबाइन हारवेस्टर से काटी गई मक्का में पहले से ही नमी की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में खुले में रखे मक्का के दानों पर पानी पड़ने से उनके खराब होने और फंगस तेजी से फैलने का खतरा मंडराने लगा है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकृषि विशेषज्ञों के अनुसार पानी से भीगी मक्का की गुणवत्ता प्रभावित होती है जिससे उसमें सड़न पैदा हो जाती है। यह फसल इंसान और मवेशियों दोनों के उपभोग के लायक नहीं रहती। फसल गीली होने के कारण मंडियों में व्यापारी भी इसे बहुत कम दामों में खरीदते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चपत लगने का अंदेशा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमंडी प्रांगण में नालियों में बहा मक्का Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउधर दूसरी तरफ व्यापारियों को भी इस बेमौसम बारिश से तगड़ा झटका लगा है। पिछले एक हफ्ते में व्यापारियों ने किसानों से हजारों क्विंटल मक्का की खरीदी की थी। यह खरीदी गई मक्का मंडी प्रांगण में ही खुले में सुखाई जा रही थी, जो अचानक हुई बारिश के दौरान पानी के साथ बह गई। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंडी के निचले हिस्सों में तो मक्का बहकर सीधे नालियों तक पहुंच गई। देर रात तक व्यापारी अपनी इस भीगी और बर्बाद फसल को समेटते हुए नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि इस अप्रत्याशित बारिश के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक सर्वे के बाद स्पष्ट होगा नुकसान Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि रविवार सुबह से ही बादल छाए हुए थे और शाम करीब 6 बजे तेज हवा व बिजली की चमक के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई थी, जो लगभग एक घंटे तक जारी रही। इस बारिश के कारण शहर में चल रहे नवरात्र महोत्सव की झांकी समितियों को भी अपनी व्यवस्थाएं संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन अधिकतम तापमान 34.8 और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे तत्काल अपनी फसल के ढेरों के आसपास से पानी निकासी का प्रबंध करें और कटी हुई फसल को ढकने का प्रयास करें। हालांकि, इस बेमौसम बारिश से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन अब प्रशासनिक और कृषि विभाग की सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगा। Add text below Add image below