Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में ऑनलाइन खरीदे गए एसी के तय मानक से अधिक बिजली खपत करने का मामला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फ्लिपकार्ट समेत चार कंपनियों को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए पीड़ित उपभोक्ता के पक्ष में यह निर्णय सुनाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-6ca283d3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना के एक स्थानीय निवासी द्वारा ऑनलाइन खरीदे गए एयर कंडीशनर (एसी) को लेकर उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी द्वारा सालाना बेहद कम बिजली खपत का दावा किया गया था, लेकिन घर में स्थापित होने के बाद यह उपकरण तय सीमा से चार गुना से अधिक बिजली की खपत करने लगा। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और संबंधित कंपनियों ने समस्या का समाधान नहीं किया, तो मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमई 2025 में खरीदा गया था एसी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायतकर्ता ने मई 2025 में फ्लिपकार्ट के माध्यम से 19,990 रुपये खर्च कर एक टन क्षमता का तीन स्टार स्प्लिट इनवर्टर एसी खरीदा था। खरीद के वक्त कंपनी के विज्ञापनों में यह दावा किया गया था कि यह मॉडल सालभर में केवल 684.9 यूनिट बिजली की खपत करेगा। हालांकि, स्थापना के तुरंत बाद ही घर का बिजली बिल अचानक काफी बढ़ गया, जिससे उपभोक्ता को संदेह हुआ। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आई भारी गड़बड़ी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजब विद्युत मापक यंत्र के जरिए एसी की कार्यप्रणाली की जांच की गई, तो असलियत सामने आ गई। यह उपकरण प्रति घंटे 1.8 यूनिट बिजली खींच रहा था। यदि इसे रोजाना 12 घंटे चलाया जाए, तो अकेले महीनेभर में लगभग 432 यूनिट बिजली की खपत होने लगी थी, जो कंपनी के दावों के बिल्कुल विपरीत थी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउपभोक्ता ने कंपनी के पोर्टल पर 15 से ज्यादा बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान लगभग 10 बार तकनीशियन घर आए और जांच की। पड़ताल में पता चला कि कंप्रेसर में तकनीकी खामी के कारण एसी केवल 15-20 मिनट ही चल पाता था और घर की एमसीबी ट्रिप हो जाती थी। एक बार उपकरण बदला भी गया, लेकिन दिक्कत बनी रही और बाद में कंपनियों ने सुनवाई बंद कर दी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत का एकतरफा फैसला और निर्देश Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष सुरेश कुमार चौबे और सदस्य सुमीना आर्य की पीठ ने इस मामले में मोंटाना इलेक्ट्रॉनिक्स, डी.आर. फ्लिपकार्ट, फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और एपेक्स कंज्यूमर केयर प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया था। कंपनियों की ओर से कोई भी जवाब या दस्तावेज पेश न किए जाने पर आयोग ने एकतरफा सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोग ने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे दो महीने के भीतर या तो एसी को पूरी तरह सुधारें या फिर उसी मॉडल का नया उपकरण उपलब्ध कराएं। ऐसा न करने की स्थिति में 19,990 रुपये की खरीद राशि सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी। इसके अलावा मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए पांच हजार, मुकदमे के खर्च के रूप में दो हजार और अधिवक्ता शुल्क के तौर पर तीन हजार रुपये यानी कुल दस हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने होंगे। तय समयसीमा में भुगतान न होने पर ब्याज दर बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दी जाएगी। Add text below Add image below