Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryउच्च शिक्षा विभाग ने गुना के राघौगढ़ कॉलेज से इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर को बमोरी कॉलेज अटैच कर दिया है, जहां मात्र चार छात्र दर्ज हैं। इस फैसले से नाराज विद्यार्थियों ने स्थानीय विधायक से मिलकर विरोध जताया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-6bad8e75
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के उच्च शिक्षा विभाग के कार्यप्रणाली इन दिनों खासी चर्चा में है। विभाग द्वारा एक ऐसा अजीब फैसला लिया गया है जिससे राघौगढ़ डिग्री कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। यहां अध्ययनरत करीब नौ सौ विद्यार्थियों को इतिहास विषय पढ़ाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा दुबे का अटैचमेंट अन्य कॉलेज में कर दिया गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचार विद्यार्थियों के कॉलेज में भेजे गए पांच प्रोफेसर Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहैरानी की बात यह है कि राघौगढ़ कॉलेज से हटाकर प्रोफेसर प्रतिभा दुबे को बमोरी कॉलेज भेजा गया है, जहां वर्तमान में केवल चार ही विद्यार्थियों का प्रवेश है। बमोरी कॉलेज का हाल ही में सितंबर महीने में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लोकार्पण किया गया था। उद्घाटन से पूर्व ही इस नए कॉलेज में चार छात्रों के मुकाबले पांच असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनात किए जाने का मामला सामने आ चुका है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबमोरी कॉलेज में पहले से तैनात शिक्षकों में प्रतिभा परमार, पूजा शर्मा, डॉ. ललित कुमार और डॉ. जितेंद्र धाकड़ शामिल हैं। अब प्रतिभा दुबे के यहाँ संलग्न होने के बाद इस छोटे कॉलेज में शिक्षकों की संख्या और बढ़ गई है, जबकि दूसरी ओर बड़ा कॉलेज शिक्षकविहीन हो रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविधायक से मिले छात्र, सौंपा ज्ञापन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराघौगढ़ डिग्री कॉलेज के शिक्षक के अचानक तबादले या अटैचमेंट से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कड़ा रुख अपनाया है। कॉलेज के चालीस से अधिक विद्यार्थियों ने एकजुट होकर स्थानीय विधायक जयवर्धन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज की बिगड़ती शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया और एक ज्ञापन भी सौंपा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविद्यार्थियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इतिहास विषय पढ़ाने वाले शिक्षक के न होने से उनके पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि राघौगढ़ कॉलेज में इतिहास के शिक्षक की यथाशीघ्र पुनः पदस्थापना की जाए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनियमित पढ़ाई और परीक्षाओं की चिंता Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteछात्रों का कहना है कि यदि समय रहते कॉलेज में शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई, तो आगामी परीक्षाओं की तैयारी करना बेहद कठिन हो जाएगा। नियमित कक्षाएं न चलने से उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। विद्यार्थियों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप कर अटैचमेंट आदेश निरस्त करने की गुहार लगाई है ताकि नौ सौ छात्र-छात्राओं का भविष्य बचाया जा सके। Add text below Add image below