Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में आजीविका मिशन के तहत एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। चांचौड़ा के ब्लॉक प्रबंधक पर परिजनों को समूह में शामिल कर सरकारी ट्रैक्टर घर पर रखने का आरोप लगा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-6a2d9282
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में प्रशासनिक अमले द्वारा चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना में लगातार वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार के सदस्यों को जोड़कर बनाया गया स्व-सहायता समूह Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनवीनतम मामले में तत्कालीन बमोरी और वर्तमान चांचौड़ा ब्लॉक प्रबंधक अजब सिंह लोधा पर बड़ा आरोप लगा है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को शामिल करके कागजों पर स्व-सहायता समूह तैयार किया और फिर सरकारी योजनाओं का लाभ अपने ही घर तक सीमित कर लिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर को इस संबंध में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि ग्राम सिमरौद का 'राधाकृष्ण स्व-सहायता समूह', जो कि वर्ष 2013 में पंजीकृत हुआ था, उसमें कुल 10 सदस्य दर्ज हैं। इस समूह को पहले ही आरएफ और सीआईएफ राशि आवंटित की जा चुकी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा, छह सदस्य निकले एक ही परिवार से Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, उक्त समूह के कुल 10 सदस्यों में से छह सीधे तौर पर ब्लॉक प्रबंधक अजब सिंह लोधा के परिवार से जुड़े हुए पाए गए। शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि परिवार की समग्र आईडी से जुड़े सदस्यों और समूह के सदस्यों के बीच सीधा संबंध है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमूह से जुड़ी महिलाओं ने जांच के दौरान यह बयान दिया कि उन्हें बैंक से राशि निकलवाने के लिए केवल हस्ताक्षर के वास्ते ले जाया जाता था, लेकिन उन्हें कभी भी योजना का वास्तविक वित्तीय लाभ नहीं मिला। इसके अलावा, समूह का कोई भी आधिकारिक रिकॉर्ड भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफार्म मशीनरी योजना के ट्रैक्टर का हो रहा था निजी इस्तेमाल Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस जांच की सबसे अहम बात यह सामने आई कि फार्म मशीनरी योजना के तहत समूह को आवंटित किया गया ट्रैक्टर समूह की महिलाओं के उपयोग के बजाय सीधे ब्लॉक प्रबंधक के घर पर खड़ा मिला। सत्यापन प्रपत्रों में जिन महिलाओं के हस्ताक्षर अध्यक्ष और सचिव के रूप में पाए गए, वे वास्तव में ब्लॉक प्रबंधक की मां और भाभी निकलीं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को ताक पर रखा गया और तय नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की गई। प्रशासन ने आरोपी ब्लॉक प्रबंधक को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं, और समयावधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर एकतरफा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। Add text below Add image below