Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के गोपालपुरा तालाब की पार पर गहरी दरारें सामने आने से आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल बन गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार तालाब की पार पर मिट्टी का कटाव हुआ है जिसे दुरुस्त किया जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-6a1a4903
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतालाब की पार पर फिर दिखीं दरारें Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में स्थित गोपालपुरा तालाब की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जलस्रोत की पार पर लंबी और गहरी दरारें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने मौके पर पहुंचकर इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके बाद से आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों में डर का माहौल है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले साल भी आ चुका है संकट Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि बीते वर्ष 29 जुलाई 2025 को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान इस तालाब की पार टूटने की नौबत आ गई थी। उस वक्त बढ़ते जल दबाव को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों ने पार का एक हिस्सा जानबूझकर काटा था, जिसके पानी से कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। विभाग ने उस समय तर्क दिया था कि यदि यह कदम न उठाया जाता तो नुकसान इससे कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे के बाद विभाग ने तालाब के स्थायी सुधारीकरण और मजबूती के लिए भोपाल मुख्यालय को 2.93 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रस्ताव भेजा था। लेकिन उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली और इसके एवض में सिर्फ कुछ लाख रुपए ही मंजूर किए गए। पर्याप्त बजट के अभाव में काम ढंग से नहीं हो सका और नतीजा यह है कि आज दोबारा पार पर खतरनाक दरारें उभर आई हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजलस्तर पहुँचा उफान पर, 83 प्रतिशत से ज्यादा भरा तालाब Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसिंचाई विभाग की ओर से 13 अगस्त को जारी की गई आधिकारिक जल रिपोर्ट के अनुसार, गोपालपुरा तालाब का जलस्तर पहले ही 85 प्रतिशत के करीब पहुंच चुका है। मौजूदा समय में यह जिला मुख्यालय के लघु सिंचाई परियोजना वाले सभी तालाबों में सबसे अधिक भरा हुआ जलस्रोत बना हुआ है। ऐसे में यदि क्षेत्र में बारिश का एक और नया दौर सक्रिय होता है, तो कमजोर हो चुकी पार पर भारी दबाव पड़ सकता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने दी सफाई, कहा- डरने की कोई बात नहीं Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteगोपालपुरा तालाब की पार की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उस पर मिट्टी डाली गई थी। बारिश के कारण मिट्टी के बहाव से कुछ जगह कटाव हो गया है, जिसे रेनकट कहते हैं। पार पर रोलर नहीं चल पाने के कारण वहां जेसीबी की मदद से मिट्टी बिछाई जाती है। फिलहाल तालाब पर काम चल रहा है और रेनकट की स्थिति को भी दुरुस्त किया जा रहा है। — नृपेंद्र सिंह, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, गुना Add text below Add image below