Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में पुलिस कस्टडी के दौरान हुई देवा पारदी की मौत के मामले में आरोपी टीआई को राहत मिल गई है। एक साल तक सलाखों के पीछे रहने के बाद उन्हें अदालत से जमानत दे दी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-638ce811
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश के गुना जिले में बहुचर्चित पुलिस कस्टडी मौत के मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन थाना प्रभारी संजीत मावई को जमानत मिल गई है। वह पिछले साल अक्टूबर से जेल में बंद थे। अदालत से राहत मिलने के बाद अब उनके जल्द ही जेल से रिहा होने की संभावना है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशादी से पहले उठी थी दूल्हे की अर्थी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा घटनाक्रम साल 2024 का है। पंद्रह जुलाई 2024 को बीलाखेड़ी निवासी 25 वर्षीय देवा पारदी का विवाह गुना शहर के गोकुल सिंह चक्क क्षेत्र में तय था। चौदह जुलाई की शाम को उसकी बारात रवाना होनी थी, लेकिन इससे ठीक पहले दोपहर करीब साढ़े चार बजे पुलिस गांव पहुंच गई। जिस ट्रैक्टर पर बारात जानी थी, उसी पर सवार करके पुलिस देवा और उसके चाचा गंगाराम को एक चोरी के मामले में पूछताछ और बरामदगी के वास्ते अपने साथ ले गई थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउसी शाम परिजनों को जिला अस्पताल से सूचना मिली कि देवा को अस्पताल के शवगृह में लाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर सनसनीखेज खुलासे के साथ पता चला कि पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो चुकी है। इस खबर के बाद पारदी समाज की महिलाएं बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में एकत्र हो गई थीं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिजनों का विरोध और मजिस्ट्रियल जांच Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि देवा की चाची और उसकी होने वाली दुल्हन ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था, जिन्हें वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बचा लिया। महिलाओं ने म्याना थाने के स्टाफ पर बर्बर मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके बाद सत्रह जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में भी जोरदार प्रदर्शन किया गया था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले में मजिस्ट्रियल जांच बैठाई गई, जिसमें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज की हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट और ग्वालियर एफएसएल की विसरा रिपोर्ट का मिलान किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि देवा पारदी की मौत पुलिस हिरासत में प्रताड़ना और मारपीट के चलते संदिग्ध व असामान्य परिस्थितियों में हुई थी। इसके बाद म्याना थाने में गैर इरादतन हत्या व मारपीट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद हुई थी गिरफ्तारियां Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमृतक की मां अंसुरा बाई ने इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जमकर फटकार लगाई थी और लाचारी का बहाना न बनाने की हिदायत दी थी। अदालत की सख्ती के बाद इस प्रकरण में फरार चल रहे अन्य पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतत्कालीन टीआई संजीत मावई को पिछले वर्ष पांच अक्टूबर को सीबीआई ने गुना-बदरवास रोड से स्थानीय पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह इंदौर जेल में बंद थे। शुक्रवार को इंदौर अदालत में सुनवाई के बाद उनकी जमानत मंजूर हो गई, हालांकि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के कारण उनकी रिहाई में थोड़ा समय लगा। Add text below Add image below