Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में एम्बुलेंस चालकों के बीच विवाद गहरा गया है। एक गुट ने जहां जिला मैनेजर को हटाने की मांग की है, वहीं दूसरे गुट ने उनके समर्थन में उतरकर आरोपों को निराधार बताया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-57094a18
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालकों और कर्मचारियों के बीच आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इस मामले में चालकों के दो अलग-अलग गुट बन चुके हैं, जो एक-दूसरे के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले गुट ने लगाए थे गंभीर आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एम्बुलेंस चालकों का एक गुट कलेक्टर के पास पहुंचा था। इस दौरान कर्मचारियों ने जिला मैनेजर (DM) शादाब खान पर अभद्रता करने और अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया था। चालकों का कहना था कि विरोध करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इससे पहले भी उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया था, लेकिन कोई समाधान न मिलने पर उन्होंने डीएम को तत्काल पद से हटाने की मांग उठाई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरे गुट ने किया जिला मैनेजर का समर्थन Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटनाक्रम के कुछ दिनों बाद शुक्रवार को एम्बुलेंस चालकों का दूसरा गुट कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिला मैनेजर के पक्ष में आवेदन दिया। समर्थन में आए चालकों ने स्पष्ट किया कि पायलट अनिल कुमार, वीरेंद्र जाटव, सुनील पालिया और ईएमटी सुमन कुशवाह द्वारा जिला मैनेजर के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन और निराधार हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरे गुट के चालकों का दावा है कि जिन कर्मचारियों ने शिकायत की है, उनके खिलाफ एचआर विभाग और कंपनी स्तर पर पहले से ही कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता की शिकायतें दर्ज हैं। इन पर वाहनों के टायर व अन्य सामान बेचने, ईंधन में अनियमितता बरतने, मरीजों के परिजनों से पैसे मांगने, गाड़ियों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने और इमरजेंसी कॉल का जवाब न देने जैसी गंभीर शिकायतें हैं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमर्थक चालकों का यह भी कहना है कि कंपनी द्वारा पूर्व में इन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। पिछले एक महीने से ये कर्मचारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए जिला मैनेजर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन पर दबाव बना रहे हैं, जिससे आपातकालीन सेवा के संचालन पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में जिला मैनेजर पर कोई अनुचित कार्रवाई न की जाए। Add text below Add image below