Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर सवर्ण आर्मी ने प्रदर्शन किया। संगठन ने हनुमान चौराहे से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-5018281f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में आरक्षण के प्रावधानों और यूजीसी के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। सवर्ण आर्मी संगठन के बैनर तले तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के प्रमुख स्थान पर एकत्र हुए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहनुमान चौराहे से निकाली गई विरोध रैली Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन की शुरुआत शहर के हनुमान चौराहे से हुई, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। इस दौरान वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी के नियमों को लेकर अपनी बात रखी। सभा के पश्चात सभी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयूजीसी नियमों की समीक्षा और कानून के दुरुपयोग पर रोक की मांग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई गई कि यूजीसी के विवादित नियमों की नए सिरे से समीक्षा की जाए। उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए समान, निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही यूजीसी एक्ट में आवश्यक संशोधन करने की बात कही गई। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक पीड़ितों को कानून के तहत पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही कानूनों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं, ताकि निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए समान अवसरों की पैरवी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन ने मांग की कि सभी जातियों के लिए मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में अवसरों का मूल्यांकन होना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर हर वर्ग के नागरिक को उसकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मदद मिल सके। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में यह भी बिंदु रखा गया कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी जातियों के विद्यार्थियों को समान रूप से छात्रवृत्ति, शिक्षण शुल्क में रियायत, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिभा और अंकों के आधार पर उठाए गए सवाल Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिभा और आर्थिक स्थिति को अहम पैमाना बताए जाने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की अनदेखी करना और कम अंक लाने वालों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाने की व्यवस्था तर्कसंगत नहीं है, इसलिए योग्य और जरूरतमंदों को समान अवसर मिलने चाहिए। Add text below Add image below