Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryराष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के ताजा आंकड़े बताते हैं कि गुना जिले में बाल विवाह की रोकथाम के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। यहां तय कानूनी उम्र से पहले शादी के मामले में प्रदेश के औसत से काफी आगे चल रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-37def139
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में कानून और सामाजिक जागरूकता के तमाम दावों के बावजूद कम उम्र में विवाह के मामलों में कमी नहीं आ रही है। हाल ही में सामने आए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि अंचल में बाल विवाह की जड़ें अभी भी गहरी हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहर चौथी युवती की 18 साल से पहले हो रही शादी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसर्वे के अनुसार, 20 से 24 वर्ष की आयु वर्ग की हर चार में से लगभग एक युवती का विवाह 18 वर्ष की निर्धारित कानूनी उम्र पूरी होने से पहले ही तय कर दिया गया। जिले में इस तरह के मामलों का अनुपात 25.9 प्रतिशत दर्ज किया गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, पिछले सर्वे यानी एनएफएचएस-5 के मुकाबले इस आंकड़े में मामूली सुधार जरूर देखा गया है, जब यह अनुपात 28.1 प्रतिशत हुआ करता था। बावजूद इसके, प्रदेश के 20 प्रतिशत औसत की तुलना में गुना जिले की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुरुषों में बढ़ी कम उम्र में विवाह की प्रवृत्ति Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबाल विवाह के मामलों में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुरुषों से जुड़ा सामने आया है। जिले में 25 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 39 प्रतिशत पुरुषों की शादी 21 साल की कानूनी आयु सीमा से पहले ही संपन्न हो चुकी है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहैरानी की बात यह है कि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 21.8 प्रतिशत था, जो पांच साल के भीतर बढ़कर सीधा 39 प्रतिशत पर पहुंच गया। इस समयावधि में लड़कों की कम उम्र में शादी के मामलों में 17.2 प्रतिशत अंकों की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि पूरे मध्य प्रदेश का औसत 25 प्रतिशत है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकम उम्र में मातृत्व और शिक्षा की स्थिति Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकम उम्र के विवाह का सीधा असर किशोरियों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिले में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की 8.5 प्रतिशत किशोरियां सर्वे के दौरान या तो मां बन चुकी थीं या फिर गर्भवती थीं, जो पिछले सर्वे में 5.5 प्रतिशत थीं। प्रदेश का औसत इस मामले में 5.6 प्रतिशत है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस स्थिति के पीछे बड़ी वजह शिक्षा की कमी को माना जा रहा है। जिले में 15 से 49 वर्ष की आयु की केवल 18.9 प्रतिशत महिलाओं ने ही 10वीं या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा पूरी की है, जबकि प्रदेश का औसत 33.7 प्रतिशत है जो बालिका शिक्षा में पिछड़ते गुना की तस्वीर साफ करता है। Add text below Add image below