Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryखरीफ सीजन से पहले ही खाद की किल्लत और पोर्टल की दिक्कतों से परेशान किसानों ने डबल लॉक केंद्र के सामने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब ढाई घंटे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर आवागमन बहाल हो सका।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-2ffacb91
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में खरीफ फसल की बुवाई का समय आने से पहले ही उर्वरक की भारी किल्लत सामने आने लगी है। खाद की समय पर उपलब्धता न होने से आक्रोशित किसानों ने बमोरी क्षेत्र के बागेरी स्थित डबल लॉक खाद वितरण केंद्र के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। यह प्रदर्शन दोपहर करीब बारह बजे शुरू हुआ और लगभग ढाई घंटे तक जारी रहा, जिससे मार्ग के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुवाई से डेढ़ महीने पहले ही क्यों बढ़ी खाद की मांग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि आगामी खरीफ फसल की बुवाई में अभी लगभग डेढ़ महीने का वक्त शेष है, लेकिन पिछले सीजन के कड़वे अनुभवों को भुगत चुके किसान इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहते हैं। वे समय पर खाद का भंडारण सुनिश्चित करना चाह रहे हैं, जिसके चलते सीजन की शुरुआत से काफी पहले ही केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ने लगी है और मांग में अचानक उछाल आया है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयातायात हुआ प्रभावित, प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबुधवार को बड़ी तादाद में अन्नदाता बागेरी डबल लॉक केंद्र पर यूरिया और अन्य उर्वरक लेने के लिए पहुंचे थे। जब उन्हें वहां से निराश लौटना पड़ा तो उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सड़क पर बैठकर आवागमन ठप कर दिया। इस चक्काजाम की वजह से रूट पर कई बसें भी फंस गईं, जिससे सफर कर रहे आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक महकमे के अधिकारी तुरंत हरकत में आए और घटनास्थल पर पहुंचे। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने करीब ढाई घंटे तक कड़ाके की स्थिति के बीच किसानों को समझाइश दी और उनकी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाकर जाम को समाप्त कराया जा सका और यातायात सुचारू रूप से शुरू हुआ। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ियों से परेशान हैं किसान Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खाद वितरण के लिए बनाई गई ऑनलाइन बुकिंग साइट ठीक से काम नहीं कर रही है। पोर्टल पर सर्वर की समस्या और तकनीकी खामियों के कारण खाद की बुकिंग नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि जब वे पोर्टल खोलते हैं तो सभी टोकन पहले से ही बुक दर्शाए जाते हैं और यदि किसी तरह टोकन जेनरेट हो भी जाए, तो भी गोदाम पर पहुंचने पर उन्हें खाद मुहैया नहीं कराई जाती है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्रीय मंत्री के समक्ष भी रखा था यह मुद्दा Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteखाद की कालाबाजारी और इस मारामारी से परेशान किसानों ने बीते 17 सितंबर को गुना प्रवास पर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भी यह तकलीफ प्रमुखता से रखी थी। स्थानीय सर्किट हाउस में जब केंद्रीय मंत्री नागरिकों से मिल रहे थे, तब किसानों ने पहुंचकर उन्हें अपनी बदहाली से अवगत कराया था और खाद की निर्बाध आपूर्ति की मांग की थी। Add text below Add image below11Quote Paragraph Heading Subheading Quoteमहाराज जिंदगी हो गई माला पहनाते-पहनाते, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। Add text below Add image below