Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभविष्य को सुरक्षित करने की गुहार लगाते हुए अवकाश के दिन बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों ने कलेक्टोरेट परिसर में प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने सरकार से मांग पूरी न होने की स्थिति में इच्छामृत्यु की अनुमति देने की बात कही।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-29ab1dae
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी पुरानी मांगों और नौकरी की सुरक्षा को लेकर रविवार को अवकाश के बावजूद बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक कलेक्टोरेट परिसर में एकत्र हुए। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने महामहिम राज्यपाल के नाम स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्थाई नीति या इच्छामृत्यु का विकल्प Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार उनके सेवा नियमितीकरण के लिए कोई ठोस नीति तैयार करे। शिक्षकों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती है, तो उन्हें प्रशासनिक स्तर पर इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान की जाए। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि पिछले 18 वर्षों से ये शिक्षक बेहद कम मानदेय पर विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले ये कर्मी दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन सीधी भर्ती और तबादला नीतियों के कारण उनपर हमेशा बेरोजगारी का संकट मंडराता रहता है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रमुख रूप से रखी गईं आठ सूत्रीय मांगें Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से शासन के समक्ष आठ सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से मांग की गई है कि जिन अतिथि शिक्षकों ने सात या उससे अधिक सत्रों में कम से कम एक हजार कार्य दिवस पूरे कर लिए हैं, उन्हें संविदा शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त पात्रता परीक्षाओं में अर्हता अंकों में छूट देने और सेवाकाल के आधार पर बोनस अंक प्रदान किए जाने की मांग भी उठाई गई है। समिति ने ई-अटेंडेंस का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित करने तथा हर महीने की 10 तारीख तक निश्चित रूप से मानदेय भुगतान किए जाने की गुहार लगाई है। Add text below Add image below