Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryबमोरी ब्लॉक के एक हजार से अधिक शिक्षकों का इस महीने का वेतन खातों में नहीं पहुंच पाया है। आहरण अधिकारियों के बदलने और ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी बाधाओं के कारण वेतन के बिल अटक गए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-22b5ca49
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवेतन न मिलने से शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के बमोरी इलाके में एक हजार से अधिक शिक्षकों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। समय पर वेतन के बिल जनरेट न होने के कारण शिक्षकों को इस बार समय पर सैलरी नहीं मिल पाई है, जिससे उनके घरों का बजट गड़बड़ा गया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआहरण अधिकारी बदलने से आई तकनीकी अड़चन Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले की मुख्य वजह बमोरी क्षेत्र में आहरण अधिकारियों का बदला जाना है। नियमों के मुताबिक नए बनाए गए आहरण अधिकारी यशवंत धाकड़ को अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी करनी थी। इसके लिए लगातार तीन दिनों तक प्रयास किए गए, जो सोमवार को जाकर पूरी हो पाई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपोर्टल पर अटक गए जीपीएफ और वेतन के बिल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteई-केवायसी पूरी होने के बाद जब नए अधिकारियों ने वेतन और अन्य बिलों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना शुरू किया, तब तकनीकी पेंच फंस गया। आहरण अधिकारी द्वारा कोषालय को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एक शिक्षक के जीपीएफ भुगतान का बिल सबमिट करने पर वह न तो आगे प्रोसेस हुआ और न ही सिस्टम से रिजेक्ट हुआ। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस तकनीकी खामी के कारण सैलरी से जुड़े सभी जरूरी बिल पोर्टल पर ही अटक कर रह गए। कोषालय में समय पर बिल जमा न होने के कारण ट्रेजरी से भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब जिला कोषालय अधिकारी की ओर से भोपाल स्थित उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इस मामले में भोपाल स्तर से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही अटके हुए वेतन बिलों के प्रोसेस होने की उम्मीद है। Add text below Add image below