Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत काम करने वाले दुकान संचालकों ने कम कमीशन का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अन्य राज्यों की तर्ज पर कमीशन और न्यूनतम आय तय करने की मांग की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-15e6d066
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उचित मूल्य दुकानदार कल्याण समिति के बैनर तले तमाम संचालक शहर के हनुमान चौराहे के पास एकत्रित हुए और वहां से एक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहनुमान चौराहे से निकाली गई कलेक्ट्रेट तक रैली Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदुकान संचालकों ने नगरपालिका के सामने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote90 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन से हो रही आर्थिक परेशानी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि मध्य प्रदेश में लगभग 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानें गरीबों और जरूरतमंदों को खाद्यान्न वितरित कर रही हैं। संचालकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 90 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन मिलता है, जिससे दुकान का संचालन करना और अपने परिवार का भरण-पोषण चलाना बेहद कठिन हो गया है। कोविड काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दी थीं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअन्य राज्यों का दिया हवाला, न्यूनतम आय तय करने की मांग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलनकारियों ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार में 258 रुपए, केरल में 270, हरियाणा में 200, राजस्थान में 150, दिल्ली में 200, उत्तराखंड में 195 और उत्तर प्रदेश में 125 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाता है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राशि काफी कम है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंचालकों ने मांग की है कि खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। इसके साथ ही विक्रेताओं की न्यूनतम मासिक आय 40 हजार रुपए निर्धारित करने, परिवहन व तौल के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु प्रति क्विंटल एक किलो की छूट देने की बात कही गई है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि राशन दुकानों का मासिक कमीशन हर महीने की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए और सेवा सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी समय पर वेतन मिले। Add text below Add image below