Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकम बिजली खपत का झांसा देकर एसी बेचने के मामले में गुना उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को नया एसी देने या ब्याज सहित पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-026eedb5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के गुना जिले से उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। यहां जिला उपभोक्ता आयोग ने कम बिजली खपत का वादा करके एसी बेचने के एक मामले में सख्त फैसला सुनाया है। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वह ग्राहक को नया एसी मुहैया कराए या फिर उसकी राशि वापस करे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऑनलाइन खरीदा था एक टन का स्प्लिट एसी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर के रहने वाले हिमांशु ने इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के माध्यम से MarQ कंपनी का 1 टन और 3 स्टार स्प्लिट इन्वर्टर कन्वर्टिबल एसी खरीदा था। इस खरीदारी के लिए उन्होंने 1 मई 2025 को 19,990 रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया था। कंपनी द्वारा इस उत्पाद पर एक साल और कंप्रेसर पर दस साल की वारंटी का दावा किया गया था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदस दिन बीतने पर भी नहीं सुधरी बिजली खपत Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आया कि डिलीवरी के बाद कंपनी के अधिकृत इंजीनियर ने इसे स्थापित किया था। हालांकि, इसके संचालन के तुरंत बाद ही बिजली की भारी खपत की समस्या उजागर हो गई। शुरुआत में उपभोक्ता को लगा कि नया उपकरण होने के कारण ऐसा हो रहा होगा, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी खपत कम नहीं हुई। आखिरकार 19 मई 2025 को उन्होंने कंपनी के टोल फ्री नंबर पर इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत के बाद कंपनी का तकनीशियन जांच के लिए उपभोक्ता के घर पहुंचा। अन्य सभी विद्युत उपकरणों को बंद करके जब एसी की जांच की गई, तो पाया गया कि वह महज 10 मिनट में 0.3 यूनिट बिजली खर्च कर रहा था। इस हिसाब से यदि एसी को प्रतिदिन 8 घंटे चलाया जाए, तो महीने भर में बिजली की खपत लगभग 360 यूनिट तक पहुंच रही थी, जो विज्ञापनों में किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत थी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट मानकर आयोग में की गई थी शिकायत Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान तकनीशियन ने उपकरण की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की थी और कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि इसमें मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है जिसे सुधारा नहीं जा सकता। इसके बावजूद जब कंपनी स्तर पर कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो उपभोक्ता ने अधिवक्ता सूर्य प्रकाश रघुवंशी के माध्यम से उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामون की सुनवाई पूरी होने के बाद उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए आदेशित किया कि उपभोक्ता को नया एसी दिया जाए या मौजूदा उपकरण की खराबी पूरी तरह दूर की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कंपनी ऐसा करने में असमर्थ रहती है, तो उसे एसी की मूल कीमत 19,990 रुपए सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ उपभोक्ता को चुकानी होगी। Add text below Add image below