Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्लासगो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के नाम पर मिली 36 लाख से अधिक की ओबीसी छात्रवृत्ति का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। कैंट थाना पुलिस ने विभाग की शिकायत पर छात्र और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-36-d43d5d3c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में छात्रवृत्ति के नाम पर शासन को बड़ा चूना लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा के नाम पर मिलने वाली सरकारी सहायता राशि का किस प्रकार दुरुपयोग किया गया, इसका खुलासा तब हुआ जब एक छात्र बिना विदेश जाए ही छात्रवृत्ति के लाखों रुपये डकार गया। मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteओबीसी वर्ग की छात्रवृत्ति का उठाया लाभ Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निरीक्षक राकेश राठौर द्वारा थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, शहर की भार्गव कॉलोनी निवासी दीपक धाकड़ का चयन वर्ष 2024-25 के दौरान यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में एक वर्षीय एमएससी (इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग) कोर्स के लिए हुआ था। उसने अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद उसका चयन भी हो गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 सितंबर 2025 को उसके एक्सिस बैंक खाते में शासन की ओर से 36 लाख 85 हजार 938 रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी। यह राशि उसे ग्लासगो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और फीस के लिए दी गई थी। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविदेश जाने के बजाय पिता के खाते में भेजे रुपये Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आया कि आरोपी छात्र न तो यूनाइटेड किंगडम पढ़ने गया और न ही उसने यूनिवर्सिटी में किसी प्रकार की फीस जमा कराई। जब विभाग को इस पर संदेह हुआ तो बैंक से खातों का पूरा विवरण और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड निकलवाया गया। इसमें पता चला कि छात्र ने गड़बड़ी को अंजाम देते हुए बड़ी चालाकी से पूरी रकम निकाल ली। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैंक दस्तावेजों के अनुसार, छात्र ने 19 और 20 सितंबर 2025 को अपने एचडीएफसी बैंक खाते में 21 लाख 70 हजार 59 रुपये और अपने पिता धर्मेन्द्र धाकड़ के केनरा बैंक खाते में 15 लाख 35 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इस प्रकार दोनों खातों में कुल 36 लाख 70 हजार 94 रुपये पहुंच गए। शिकायत में बताया गया कि 19 से 22 सितंबर के बीच चेक के माध्यम से यह राशि निकाल ली गई, जबकि उसके पिता ने छात्रवृत्ति के संबंध में सुरक्षादाता के रूप में बंधपत्र पर हस्ताक्षर किए थे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनोटिस देने के बाद भी नहीं लौटाई राशि, अब एफआईआर Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभागीय स्तर पर राशि की रिकवरी के लिए छात्र को कई बार प्रयास किए गए। विभाग की ओर से 6 मई, 1 जून, 16 जून और 28 जुलाई 2026 को पत्र जारी कर छात्र को चेताया गया और ब्याज सहित पूरी छात्रवृत्ति राशि शासन के खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद जब पैसे वापस नहीं किए गए, तब विभाग ने 12 अक्टूबर को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकैंट थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा कदम उठाते हुए छात्र दीपक धाकड़ और उसके पिता धर्मेन्द्र धाकड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पैसों की रिकवरी को लेकर जांच पड़ताल कर रही है। Add text below Add image below