Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिला मुख्यालय पर विभिन्न जन संगठनों ने मिलकर 'जन संसद' समूह का गठन किया है। आगामी 26 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-26-bd8c2531
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना शहर में जन समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को एक मंच पर उठाने के लिए 'जन संसद' के गठन की महत्वपूर्ण पहल की गई है। संविधान, लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा को लेकर आयोजित इस विशेष परिचर्चा में करीब पांच दर्जन विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाझा मंच के जरिए आंदोलनों को धार देने की तैयारी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब भी जनता के बुनियादी अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों के संबंध में नीतियां बनाई जाती हैं, तब एक मजबूत और साझा मंच की आवश्यकता महसूस होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 'जन संसद' को ऐसा माध्यम बनाया जा रहा है, जो स्थानीय कठिनाइयों से लेकर नीतिगत मामलों तक मुखरता से अपनी बात रख सके। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजयवर्धन सिंह और ऋषि अग्रवाल ने सरकार को घेरा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए विधायक जयवर्धन सिंह ने वर्तमान भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वोट चोरी, किसान विरोधी फैसलों, आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाते हुए तीखा हमला बोला। वहीं, विधायक ऋषि अग्रवाल ने विधानसभा सत्र की कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि सदन के भीतर जनता से जुड़े जरूरी सवालों पर अक्सर चर्चा टाल दी जाती है और सदन स्थगित कर दिया जाता है, जिसके बावजूद जनता के हक की लड़ाई जारी है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसआईआर प्रक्रिया, निजीकरण और स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक में एडवोकेट पुष्पराग ने पर्यावरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया। डॉ. विष्णु शर्मा ने केंद्र की नीतियों के विरोध में एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। मनीष श्रीवास्तव ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों से नाम कटने से नागरिकों के मताधिकार पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसकी रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। इसके अलावा मनोहर मराठा ने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध किया, जबकि राकेश मिश्रा और नरेंद्र भदौरिया ने स्मार्ट मीटर और अन्य नीतियों के कारण जनता पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव का मुद्दा उठाया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quote26 अक्टूबर को प्रदर्शन और आगामी रणनीति Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविस्तृत चर्चा के बाद यह तय किया गया कि आगामी 26 अक्टूबर को एसआईआर (SIR) के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन लोकेश शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन रजनीश शर्मा ने किया। इस अवसर पर हरि विजयवर्गीय, आलोक नायक, पंकज कनेरिया, विकास बंसल, सीमा यादव, सीमा राय, विजय यादव, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, यशवंत शर्मा, कल्याण लोधी, जहूर खान, रवि शर्मा, पार्षद बंटी सेन, पार्षद नरेंद्र, जैनेन्द्र जैन समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। Add text below Add image below