Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryक्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को तात्या टोपे के जीवन और आचार्य विद्यासागर के राजनीतिक चिंतन की शिक्षा दी जाएगी। विभिन्न अध्ययन मंडलों की बैठकों में इस बदलाव को मंजूरी दी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-1857-70692782
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपाठ्यक्रम में जुड़ेंगे नए और ऐतिहासिक अध्याय Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना स्थित क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं अब अपने शिक्षण संस्थान के नाम से जुड़े महान नायक तात्या टोपे के जीवन चरित्र और उनके ऐतिहासिक योगदान का विस्तृत अध्ययन कर सकेंगे। आने वाले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातक प्रथम वर्ष के राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम में 1857 के गदर में उनकी भूमिका को आधिकारिक रूप से जोड़ा जा रहा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदर्शन और राजनीतिक चिंतन को भी मिली जगह Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइतिहास के साथ-साथ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के राजनीतिक दर्शन और उनके प्रसिद्ध महाकाव्य 'मूकमाटी' को भी यूनिवर्सिटी के सिलेबस का हिस्सा बना लिया गया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय राजनीति विज्ञान, हिंदी और समाजशास्त्र विषयों के अध्ययन मंडलों की हुई पहली बैठकों के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइन बैठकों की श्रृंखला में कुल गुरु डॉ. किशन यादव, कुल सचिव प्रोफेसर ए.के. मुद्गल के अलावा विभिन्न संकाय प्रतिनिधि और शिक्षक विशेष रूप से उपस्थित रहे। राजनीति विज्ञान अध्ययन मंडल की बैठक डॉ. प्रभात चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें बाहर से पधारे विशेषज्ञ डॉ. कुसुम भदौरिया और श्याम मोहन मिश्रा ने भी अपनी सहभागिता निभाई। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविस्तृत हुआ अध्ययन का दायरा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्धारित बदलाव के तहत स्नातक प्रथम वर्ष के प्रश्न पत्र 'भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन' (सी-2) की पहली इकाई में तात्या टोपे की जीवन यात्रा, उनके राजनीतिक विचारों तथा स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को शामिल किया गया है। वहीं दूसरी ओर, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के 'भारतीय राजनीतिक चिंतन' (सी-11) विषय की पांचवीं इकाई में आचार्य श्री विद्यासागर जी के राजनीतिक चिंतन को स्थान दिया गया है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रक्रिया के दौरान शिवपुरी से डॉ. शालिनी राय और बीकानेर से डॉ. शशि वर्मा को विषय विशेषज्ञ के रूप में सहयोजित किया गया था। इसी प्रकार हिंदी विषय की बैठक डॉ. महाविद्या उपाध्याय की अगुवाई में हुई, जिसमें डॉ. अचला पाण्डेय और डॉ. शिव प्रकाश त्रिपाठी ने विशेषज्ञ के तौर पर भाग लिया। समाजशास्त्र विभाग की बैठक की अध्यक्षता डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने की, जहां डॉ. जितेन्द्र कुमार तिवारी बाहरी विशेषज्ञ के रूप में शामिल रहे। Add text below Add image below