Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के निहालगढ़ गांव में घने जंगलों के बीच एक प्राचीन और प्रसिद्ध देवी मंदिर स्थित है। इस पावन स्थल पर मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-150-18-2220af86
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के बमोरी क्षेत्र में आस्था का एक ऐसा केंद्र मौजूद है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीनता के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर और बमोरी ब्लॉक मुख्यालय से 35 किलोमीटर की दूरी पर घने जंगलों के बीच निहालगढ़ गांव बसा हुआ है। इसी ग्रामीण आंचल के भीतर एक ऊंची पहाड़ी पर मां दुर्गा का यह प्राचीन मंदिर स्थापित है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote150 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजी हैं अष्टादशभुजा माता Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह धार्मिक स्थल समतल भूमि से करीब 150 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यहां पहुंचने वाले भक्तों को मां के दर्शन के लिए दुर्गम रास्तों और हरियाली से घिरे परिवेश से गुजरना पड़ता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां माता रानी अष्टादशभुजा यानी 18 भुजाओं वाले स्वरूप में विराजमान हैं, जिनके अलौकिक दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजा निहाल सिंह द्वारा कराया गया था निर्माण Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंदिर के पुजारी अशोक महाराज के अनुसार, इस पवित्र स्थल का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। स्थानीय मान्यताओं और जनश्रुतियों के मुताबिक, प्राचीन काल में इस क्षेत्र के राजा निहाल सिंह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। उन्हीं के नाम पर इस इलाके का नाम निहालगढ़ और देवी का नाम निहालदेवी पड़ा, जो आज भी क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में शुमार है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपड़ोसी राज्यों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचूंकि यह मंदिर मध्य प्रदेश की सीमा के अंतर्गत आता है, इसलिए यहां स्थानीय जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। चारों तरफ फैली हरियाली और शांत वातावरण इस स्थान को और भी अधिक मनमोहक और आध्यात्यमिक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाता है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंदिर में आने वाले भक्तों की ऐसी अटूट मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जो भी मन्नत मांगी जाती है, माता उसे अवश्य पूरा करती हैं। मनोकामना पूरी होने के उपलक्ष्य में श्रद्धालु मंदिर में विशेष रूप से झंडा और घंटियां अर्पित करते हैं। इसके अलावा, कई भक्त अपनी ओर से यहां भंडारों का आयोजन भी करवाते हैं। Add text below Add image below