Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के बमोरी क्षेत्र स्थित उकावद कलां गांव में ढाई लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण पांच दिन से जलापूर्ति बंद है। ग्रामीण पानी के संकट से जूझ रहे हैं और पंचायत सचिव के उदासीन रवैये से खासे नाराज हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-120-9b71bd52
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के बमोरी अंतर्गत आने वाले उकावद कलां गांव में पिछले पांच दिनों से नल-जल योजना पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है। पंचायत द्वारा लगभग ढाई लाख रुपये का बिजली बिल समय पर जमा न किए जाने के कारण विद्युत विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कनेक्शन काट दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote120 घरों की जलापूर्ति ठप, एक हैंडपंप बना सहारा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबिजली का कनेक्शन कटने से गांव के करीब 120 घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है। ग्रामीणों को पीने के पानी के साथ-साथ कपड़े धोने, खाना बनाने, नहाने और अपने मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे गांव में सिर्फ एक ही हैंडपंप चालू हालत में बचा है, जिस पर अब भारी भीड़ जुट रही है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफसल कटाई के सीजन में पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निवासी रामू शर्मा, जगदीश धाकड़, गिर्राज धाकड़, नवल केबल, रमेश ओझा, सोनू धाकड़ और मोहन प्रसाद धाकड़ ने बताया कि इस समय खेतों में फसल कटाई का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में पानी की गंभीर किल्लत के कारण उन्हें मजदूरी पर जाने के बजाय घंटों पानी जुटाने में ही अपना समय गंवाना पड़ रहा है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों का यह भी कहना है कि उनसे हर साल नल-जल योजना के नाम पर 1200 रुपये की वसूली की जाती है, इसके बावजूद उन्हें यह बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है। रघुवीर अहिरवार, भरोसा अहिरवार, बद्री अहिरवार, जगदीश अहिरवार, सोम आदिवासी, गणेशाराम अहिरवार और गुरु आदिवासी सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव इस गंभीर समस्या पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं और इन दिनों गांव में भी नजर नहीं आ रहे हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपंचायत सचिव ने जल्द कनेक्शन जुड़वाने का दिया भरोसा Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteबिजली विभाग ने बिल बकाया होने की वजह से कनेक्शन काट दिया है। कल तक बिल जमा कर कनेक्शन जुड़वा कर सप्लाई चालू कर दी जाएगी। - टीटानिया सिंह बारेला, पंचायत सचिव, उकावद कलां Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपांच दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उचित जांच कराई जाए और बकाया राशि का भुगतान करवाकर जल्द से जल्द जलापूर्ति को सुचारू किया जाए ताकि उनकी रोजमर्रा की परेशानियां खत्म हो सकें। Add text below Add image below