Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया के गुर्जर वाटिका में शरद पूर्णिमा के मौके पर दमा रोगियों के लिए निःशुल्क औषधि युक्त खीर का वितरण किया गया। इस धार्मिक एवं स्वास्थ्य आयोजन में देश के कई राज्यों से पहुंचे आठ हजार से अधिक मरीजों ने दवा ग्रहण की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-dae5cdf8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में शरद पूर्णिमा का पर्व स्वास्थ्य और आस्था के एक बड़े आयोजन के रूप में मनाया गया। रिछरा फाटक रोड पर स्थित गुर्जर वाटिका में दमा यानी अस्थमा से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई औषधि युक्त खीर का निःशुल्क वितरण किया गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुंदरकांड पाठ से हुआ कार्यक्रम का आरंभ Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पारंपरिक स्वास्थ्य शिविर और धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत रविवार की रात 9 बजे सुंदरकांड के पाठ के साथ की गई। इसके बाद अनुष्ठान के अगले चरण में सोमवार तड़के चार बजे से मरीजों को खीर खिलाने का सिलसिला शुरू हुआ, जो सूर्योदय तक चला। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचांद की रोशनी में रखी गई थी दो क्विंटल दूध की खीर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोजक डॉ. आर.के. बुंदेला ने जानकारी दी कि दमा के मरीजों के लिए यह विशेष खीर गाय के दो क्विंटल शुद्ध दूध से तैयार की गई थी। शरद पूर्णिमा की रात इस खीर को खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की किरणों के प्रभाव में रखा गया था, जिसके बाद तड़के चार बजे से मरीजों और श्रद्धालुओं को इसका सेवन कराया गया। सूर्योदय होते ही वितरण प्रक्रिया समाप्त कर दी गई। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदेशभर से पहुंचे आठ हजार से अधिक मरीज Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमरीजों की अत्यधिक संख्या को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष का यह आयोजन गुर्जर वाटिका में रखा गया था। स्थानीय दतिया और आसपास के ग्रामीण अंचलों के अलावा ग्वालियर, मुरैना, झांसी, ललितपुर, कानपुर, मुंबई, हरियाणा, पंजाब और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से पहले ही पंजीयन करा चुके आठ हजार से अधिक मरीज रविवार की देर रात तक दतिया पहुंच चुके थे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखान-पान को लेकर दी गई विशेष हिदायतें Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. बुंदेला ने औषधि ग्रहण करने वाले सभी मरीजों को आहार और खान-पान में कड़ाई से सावधानी बरतने की सलाह दी है। मरीजों को केवल सादा और गर्म भोजन करने की हिदायत दी गई है। आहार में चने का सूप, चने और जौ का आटा, बाजरा, मूंग, लौकी, तुरई, पुदीना, मूली, गाजर, चीकू, मीठा सेब, मुनक्का, बादाम, पपीता, अदरक, लौंग, तुलसी पत्र, काली मिर्च, सेंधा नमक, जीरा और शहद शामिल करने की सलाह दी गई है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके विपरीत, उड़द की दाल, केला, संतरा, तरबूज, पनीर, ब्रेड, मटर तथा पचने में भारी यानी गरिष्ठ भोजन से पूरी तरह परहेज करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजक के अनुसार, इन वर्जित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से दमे की तकलीफ बढ़ सकती है। Add text below Add image below