Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया और बड़ौनी क्षेत्र के तीन पुराने जलाशयों को नए सिरे से संवारा जाएगा। इसके अलावा सोंय नाले पर दो करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डेम का निर्माण किया जाएगा जिससे सिंचाई की समस्या दूर होगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-d28813c2
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया शहर और बड़ौनी कस्बे की जल आवश्यकताओं को पूरा करने वाले रामसागर तालाब को अब नए सिरे से संवारने की तैयारी है। इस योजना के तहत तालाब की पाल को मजबूत करने के साथ-साथ इसकी संरचना को भी जरूरत के अनुसार सुदृढ़ किया जाएगा। इसी कड़ी में जिगना स्थित सोमला डेम और कासना तालाब का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञ टीम के निरीक्षण के बाद तैयार होगी डीपीआर Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश शासन की कंप्रिहेंसिव डेम सेफ्टी इवैल्यूएशन यानी सीडीएसई की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में इन तीनों जलाशयों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया है। टीम द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर जल संसाधन विभाग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा जिसे मंजूरी के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। शासन स्तर से बजट स्वीकृत होते ही मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteये सभी तालाब और डेम क्षेत्र के भूजल स्तर को ऊंचा उठाने के साथ-साथ कृषि कार्यों के लिए भी मुख्य जल स्रोत हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान अच्छी बारिश के चलते रामसागर तालाब में मिट्टी धंसने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिसके मद्देनजर डेम सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत इन जलाशयों की सुरक्षा और मरम्मत का कार्य बेहद जरूरी हो गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोंय नाले पर स्टॉप डेम बनने से रैपुरा और बड़ौनकलां के किसानों को राहत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतालाबों के जीर्णोद्धार के अलावा जल संसाधन विभाग द्वारा सोंय नाले पर दो करोड़ रुपये की लागत से एक नया स्टॉप डेम बनाया जाएगा। चार मीटर ऊंचा यह कंक्रीट डेम 0.5 एमसीएम क्षमता का होगा जिससे रैपुरा और बड़ौनकलां गांव के किसानों को सिंचाई में बड़ी मदद मिलेगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस डेम के निर्माण से करीब 50 करोड़ लीटर पानी सहेजा जा सकेगा, जिससे बारिश का पानी सीधे सिंध नदी में बहकर जाने से रुकेगा। संग्रहित पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे और क्षेत्र के बोरवेल तथा ट्यूबवेल भी रिचार्ज होंगे। विभाग द्वारा इसकी डीपीआर तैयार करके प्रशासकीय स्वीकृति के लिए इसी महीने शासन को भेजी जा चुकी है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरबी सीजन में समय पर मिल सकेगा सिंचाई का पानी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरैपुरा और बड़ौनकलां गांव सिंध नदी के मुहाने पर बसे हुए हैं लेकिन अधिक ऊंचाई होने के कारण यहां भूजल स्तर तेजी से गिरता है। हालांकि इन गांवों को सिंध परियोजना की नहरों से भी पानी मिलता है लेकिन ये गांव परियोजना के अंतिम छोर पर हैं जिसके चलते रबी सीजन में नहर का पानी पहुंचने में देरी हो जाती है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजल संसाधन विभाग के कार्यपालन इंजीनियर मोहित जैन ने बताया कि एक स्टॉप डेम के लिए प्रस्ताव भेजा गया है जिसकी जल्द मरम्मत की उम्मीद है। साथ ही, डेम सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों के तहत तालाबों की मरम्मत का कार्य भी विशेषज्ञ टीम के निरीक्षण और रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। Add text below Add image below