Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया शहर में रामलीला के पावन प्रसंग के तहत भगवान श्रीराम और उनके भाइयों की भव्य बारात निकाली गई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया और पारंपरिक विवाह रस्में निभाई गईं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-cbde3f0d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के दतिया जिले में इन दिनों रामलीला के मंचन के दौरान धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है। इसी कड़ी में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की विवाह बारात अत्यंत धूमधाम के साथ निकाली गई। इस दौरान घोड़ों पर सवार चारों राजकुमारों के स्वरूपों के दर्शन करने के लिए शहरभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिला चौक से आरंभ हुआ शोभायात्रा का मार्ग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह भव्य बारात ऐतिहासिक किला चौक से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा दारुगर की पुलिया, बिहारी जी मार्ग, गांधी मार्ग, टाउनहॉल, बड़ा बाजार और पटवा तिराहे से होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ी। मार्ग के दोनों तरफ स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जुटी रही। लोगों ने अपने घरों की छतों और बालकनियों से बारात पर पुष्पवर्षा की। डीजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालु थिरकते हुए नजर आए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिव धनुष भंग होने के बाद सजा वैवाहिक प्रसंग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोजकों के अनुसार, रामलीला मंच पर बीते दिन भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष खंडित किए जाने की लीला का मंचन किया गया था। इस प्रसंग के उपरांत राजा जनक ने राजा दशरथ को विवाह का संदेश भेजा। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतिकीर्ति के पावन विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपांव पखराई और पारंपरिक गीतों से गूंजा परिसर Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबारात जब निर्धारित रामलीला मंच पर पहुंची, तो वहां फेरे, कन्यादान और कुँअर कलेऊ की रस्में पूरी कराई गईं। इस दौरान पांव पखराई की रस्म निभाने के लिए भक्तों में होड़ सी मच गई। स्थानीय महिलाओं ने बुंदेली परंपरा के अनुसार मंगल गीत गाए। 'बने दूल्हा छवि देखो भगवान की' और 'हरे बांस मंडप छाए' जैसे भजनों से पूरा आयोजन स्थल गूंज उठा। अंत में चारों राजकुमारों की विदाई का भावुक दृश्य मंचित किया गया। Add text below Add image below